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Almora News: दिव्यांगता को दरकिनार कर खोली फैक्ट्री, 13 लोगों को दे रहे रोजगार
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नरेंद्र सिंह बिष्ट।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। हौसला हो तो हर मुश्किल से पार पाया जा सकता है, यह कर दिखाया है अल्मोड़ा जिले के कोसी मटेला गांव के दिव्यांग नरेंद्र ने। पढ़ाई कर अच्छी नौकरी पाने की उम्मीद लिए नरेंद्र को वाहन दुर्घटना में अपना पैर गंवाना पड़ा लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हौसला नहीं हारा। कर्ज लेकर लघु उद्योग शुरू किया। आज उन्होंने अपने साथ क्षेत्र के 13 लोगों को रोजगार दिया है। वह हर माह 50,000 रुपये से अधिक कमा रहे हैं। उनके सहयोगियों की आय हर माह आठ से 15,000 रुपये है।
कोसी मटेला के नरेंद्र सिंह बिष्ट (23) ने इंटर करने के बाद वर्ष 2019 में सुनहरे भविष्य के सपने लिए एसएसजे परिसर में दाखिला लिया लेकिन इसी बीच वाहन दुर्घटना में वह जख्मी हो गए और उन्हें अपने एक पैर से हाथ धोना पड़ा। उनका सरकारी नौकरी पाने का सपना तो टूट गया लेकिन उन्होंने हौसला नहीं हारा।
घटना से उबरकर अपनी दिव्यांगता को दरकिनार करते हुए उन्होंने बैंक से नौ लाख व रिश्तेदारों से 20 लाख का कर्ज लेकर बच्चों के खाने का सामान पफ बनाने का काम शुरू किया। शुरुआत में काम बेहद मंदा चला लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई और वह आज हर माह 50,000 रुपये से अधिक की आय कर अन्य युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने अपने क्षेत्र की पांच महिलाओं और आठ युवाओं को रोजगार दिया है। सभी कर्मचारी हर माह 8 से 15,000 रुपये कमा रहे हैं।
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हवालबाग, कोसी, रानीखेत तक है उत्पादों की मांग
अल्मोड़ा। नरेंद्र के उत्पादों की बाजार में खासी मांग है। वह अल्मोड़ा जिला मुख्यालय के साथ ही हवालबाग, कोसी, रानीखेत सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में अपने उत्पादों को पहुंचाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। संवाद
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कोसी मटेला के नरेंद्र सिंह बिष्ट (23) ने इंटर करने के बाद वर्ष 2019 में सुनहरे भविष्य के सपने लिए एसएसजे परिसर में दाखिला लिया लेकिन इसी बीच वाहन दुर्घटना में वह जख्मी हो गए और उन्हें अपने एक पैर से हाथ धोना पड़ा। उनका सरकारी नौकरी पाने का सपना तो टूट गया लेकिन उन्होंने हौसला नहीं हारा।
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घटना से उबरकर अपनी दिव्यांगता को दरकिनार करते हुए उन्होंने बैंक से नौ लाख व रिश्तेदारों से 20 लाख का कर्ज लेकर बच्चों के खाने का सामान पफ बनाने का काम शुरू किया। शुरुआत में काम बेहद मंदा चला लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई और वह आज हर माह 50,000 रुपये से अधिक की आय कर अन्य युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने अपने क्षेत्र की पांच महिलाओं और आठ युवाओं को रोजगार दिया है। सभी कर्मचारी हर माह 8 से 15,000 रुपये कमा रहे हैं।
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हवालबाग, कोसी, रानीखेत तक है उत्पादों की मांग
अल्मोड़ा। नरेंद्र के उत्पादों की बाजार में खासी मांग है। वह अल्मोड़ा जिला मुख्यालय के साथ ही हवालबाग, कोसी, रानीखेत सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में अपने उत्पादों को पहुंचाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। संवाद