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शराब के खिलाफ महिलाओं का सेराघाट में दराती लेकर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:05 PM IST
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शराब की दुकान के बाहर प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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शराब के खिलाफ ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह आंदोलन चल रहे हैं। जिले के सेराघाट कस्बे से देशी और विदेशी मदिरा की दुकानें हटाने की मांग को लेकर आज क्षेत्र की आक्रोशित महिलाओं ने दराती लेकर सेराघाट कस्बे में प्रदर्शन किया। महिलाएं प्रात: ग्यारह बजे से दुकानों के आगे धरने पर बैठ गई। सायं के समय दो घंटे उन्होंने सड़क में चक्काजाम किया। इस अवसर पर हुई सभा में उन्होंने कहा कि शराब से सबसे अधिक महिलाएं प्रभावित हैं। उन्होंने क्षेत्र में शराब की दुकानें नहीं खुलने देने का ऐलान किया है।
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सेराघाट कस्बे में सोमवार से मदिरा की दुकानें खुलने की संभावना को देखते हुए महिलाओं में आक्रोश छा गया। क्षेत्र के आसपास के गांवों की महिलाएं रविवार को सेराघाट कस्बे में पहुंची और ग्यारह बजे से शराब की दुकानों के आगे धरने पर बैठ गई। सायं तीन बजे से पांच बजे तक सेराघाट कस्बे में सड़क में चक्काजाम किया।महिलाओं ने शराब के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाएं शराब की भट्टी बंद करो आदि नारे लगा रही थी।
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इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि शराब से पहाड़ में परिवार बरबाद हो रहे हैं।
शराब से सबसे अधिक महिलाएं त्रस्त हैं। युवा वर्ग नशे का आदि हो रहा है। सरकार रोजगार देने के बजाए शराब की दुकानें खोलते जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सेराघाट में शराब की दुकान खोलने की कोशिश की गई तो दुकान में तोडफ़ोड़ करने से भी महिलाएं पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने सोमवार दस अप्रैल से आंदोलन तेज करते हुए कस्बे में किसी भी हालत में शराब की दुकानें नहीं खुलने देने का ऐलान किया है। प्रदर्शन में उप प्रधान सरस्वती देवी, चंद्रा देवी, रजनी, मंजू, गीता, मीरा, देवकी, पानुली, भागीरथी, देवकी, गीता आदि ने भाग लिया। क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार आर्या समेत कई प्रधानों और महिला संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए शराब की दुकान नहीं खुलने देने का ऐलान किया है।
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