{"_id":"6874016cf0c51fe9060ea70a","slug":"women-empowerment-with-goat-almora-news-c-232-1-shld1003-130826-2025-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: एक बकरी से शुरू किया कारोबार 10 महिलाओं को दिलाया रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: एक बकरी से शुरू किया कारोबार 10 महिलाओं को दिलाया रोजगार
Mon, 14 Jul 2025 12:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:26 AM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। हवालबाग ब्लॉक के महतगांव की रहने वाली बबीता मेहता ने बकरी पालन के माध्यम से न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। एक समय था जब उन्होंने सिर्फ एक बकरी से अपने स्वरोजगार की शुरुआत की थी लेकिन आज उनके पास 18 से अधिक बकरियां हैं। सालाना 70 हजार रुपये से अधिक की आमदनी कमा रही हैं।
बबीता ने अपने आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत सेंट्रल बैंक कोसी और ग्रामीण बैंक भगतोला में बैंक सखी के रूप में काम करते हुए की। इसके बाद वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रगति स्वयं सहायता समूह महतगांव से जुड़ीं।
समूह के माध्यम से उन्होंने 50 हजार रुपये का ऋण लिया, जिससे उन्होंने बकरी पालन का कार्य शुरू किया। बबीता ने धीरे-धीरे मेहनत से बकरियों की संख्या बढ़ाई और अब वह न केवल खुद की आमदनी कर रही हैं, बल्कि गांव की 10 से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें भी आत्मनिर्भर बना रही हैं। उन्हें बकरी उत्पादन के लिए हिमोत्थान सोसाइटी से सेराघाट में चार दिन का प्रशिक्षण लिया।
विज्ञापन
बबीता ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई हैं। उनका यह प्रयास नारी सशक्तिकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वर्तमान में प्रगति स्वयं सहायता समूह महत गांव की अध्यक्ष भी है। संवाद
विज्ञापन
बबीता ने अपने आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत सेंट्रल बैंक कोसी और ग्रामीण बैंक भगतोला में बैंक सखी के रूप में काम करते हुए की। इसके बाद वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रगति स्वयं सहायता समूह महतगांव से जुड़ीं।
विज्ञापन
समूह के माध्यम से उन्होंने 50 हजार रुपये का ऋण लिया, जिससे उन्होंने बकरी पालन का कार्य शुरू किया। बबीता ने धीरे-धीरे मेहनत से बकरियों की संख्या बढ़ाई और अब वह न केवल खुद की आमदनी कर रही हैं, बल्कि गांव की 10 से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें भी आत्मनिर्भर बना रही हैं। उन्हें बकरी उत्पादन के लिए हिमोत्थान सोसाइटी से सेराघाट में चार दिन का प्रशिक्षण लिया।
विज्ञापन
बबीता ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई हैं। उनका यह प्रयास नारी सशक्तिकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वर्तमान में प्रगति स्वयं सहायता समूह महत गांव की अध्यक्ष भी है। संवाद