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जहर क्यों गटका आखिर क्या थी मजबूरी नहीं लग पा रहा पता
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मृतक सुंदर और भावना का चार माह का पुत्र कान्हा। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। तहसील के सुदूरवर्ती डोटलगांव में पति-पत्नी ने आखिर क्यों दुधमुंहे बच्चे का मोह त्यागकर जहर गटका इसकी गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है।
बग्वालीपोखर चौकी से भी पुलिस टीम आज गांव पहुंची थी, लेकिन घटना के असली कारणों का पता पुलिस भी नहीं बता पा रही है। मृतक सुंदर शाही की भी गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई। मृतक सुंदर और भावना शाही का चार माह के बच्चे कान्हा उर्फ कानू का अब क्या होगा, यह सवाल सभी के जेहन में कौंध रहा है। स्थानीय नागरिकों को कानू के भरण-पोषण के लिए भी सरकार से गुहार लगाई है।
बता दें कि रविवार की रात सुंदर सिंह और उसकी पत्नी भावना शाही ने अज्ञात कारणों के चलते जहर खाकर जान दे दी थी। उनका चार माह का पुत्र कानू अपने दादा मंगल सिंह शाही और दादी के पास है, लेकिन लोगों ने उसके सुरक्षित भविष्य के लिए उसके भरण-पोषण के लिए सहायता की गुहार लगाई है। दूसरी तरफ बच्चे के पिता मृतक सुंदर सिंह की भी आज गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई है।
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बग्वालीपोखर चौकी से एसआई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव का निरीक्षण किया। ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ की गई। लेकिन दोनों ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया इसके कारणों का पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने बताया कि सुंदर और भावना ने सुबह खेत में काम किया और साथ ही बैठकर खाना भी खाया। देर शाम को इस घटना से सभी ग्रामीण हतप्रभ हैं।
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बग्वालीपोखर चौकी से भी पुलिस टीम आज गांव पहुंची थी, लेकिन घटना के असली कारणों का पता पुलिस भी नहीं बता पा रही है। मृतक सुंदर शाही की भी गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई। मृतक सुंदर और भावना शाही का चार माह के बच्चे कान्हा उर्फ कानू का अब क्या होगा, यह सवाल सभी के जेहन में कौंध रहा है। स्थानीय नागरिकों को कानू के भरण-पोषण के लिए भी सरकार से गुहार लगाई है।
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बता दें कि रविवार की रात सुंदर सिंह और उसकी पत्नी भावना शाही ने अज्ञात कारणों के चलते जहर खाकर जान दे दी थी। उनका चार माह का पुत्र कानू अपने दादा मंगल सिंह शाही और दादी के पास है, लेकिन लोगों ने उसके सुरक्षित भविष्य के लिए उसके भरण-पोषण के लिए सहायता की गुहार लगाई है। दूसरी तरफ बच्चे के पिता मृतक सुंदर सिंह की भी आज गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई है।
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बग्वालीपोखर चौकी से एसआई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव का निरीक्षण किया। ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ की गई। लेकिन दोनों ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया इसके कारणों का पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने बताया कि सुंदर और भावना ने सुबह खेत में काम किया और साथ ही बैठकर खाना भी खाया। देर शाम को इस घटना से सभी ग्रामीण हतप्रभ हैं।