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हालिया बारिश से रबी सीजन में बोई गई फसलों को मिली संजीवनी
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अल्मोड़ा में मंगलवार को दिन में ऐसा रहा मौसम।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। दो तीन दिनों में हुई बारिश से रबी सीजन में बोई गई फसलों को संजीवनी मिली है। रबी सीजन की गेहूं, सरसों, जौ, मसूर, लाही, पालक, सरसों आदि फसल-सब्जियों के लिए यह बारिश लाभदायक होगी। बारिश से इन फसलों की बढ़वार तेजी से होगी। अल्मोड़ा में पिछले 24 घंटों में 15.7 मिमी बारिश हुई।
मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि रवि के सीजन में हुई बारिश से फसलों में नई जान आएगी। फसलों की बढ़वार अच्छी होगी। इससे उत्पादन भी बेहतर रहेगी। लंबे समय से बारिश न होने से किसान चितिंत थे। नवंबर में गेहूं, जौ आदि की बोआई के बाद तो बारिश ही नहीं हुई। इससे नमी वाले इलाकों में गेहूं उगा जबकि कम नमी वाले स्थानों पर गेहूं और जौ आधा अधूरा ही उग पाया। अब हाल में हुई बारिश से फसल को नया जीवन मिलेगा।
जिले में रबी की फसल से कुल कृषि क्षेत्र के 12 प्रतिशत में ही सिंचाई की सुविधा जबकि 88 प्रतिशत क्षेत्र बारिश पर आधारित है। अल्मोड़ा में पिछले 24 घंटों में 15.7 मिमी बारिश हुई। रानीखेत में 26, द्वाराहाट 15, चौखुटिया 19, सोमेश्वर 16, भिकियासैंण चार, जागेश्वर 11, ताकुला 12.50, शीतलाखेत 10, भैंसियाछाना 12 मिमी बारिश है। 12 जनवरी को मौसम शुष्क रहेगा। अगले 24 घंटे में बर्फबारी और बारिश होने के आसार हैं।
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अल्मोड़ा और इसके आसपास के क्षेत्रों में दो तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हुई। मंगलवार को भी धूप-छांव का खेल चलता रहा। सुबह, दोपहर में धूप खिली। धूप खिलने से लोगों को कुछ देर राहत मिली लेकिन इसके बाद आसमान में फिर बादल छा गए। इससे कड़ाके की ठंड में इजाफा हो गया। सोमवार को बिनसर समेत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई थी। बर्फबारी के बाद तापमान में काफी गिरावट आई है। दिनभर बर्फीली हवा चलने से लोग हाड़ कंपकंपाती ठंड से बेहाल रहे। बुजुर्ग और बच्चे रजाइयों में दुबके रहे। अधिकतम तापमान 10 और न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शराब के ठेकों में भी भीड़ रही।
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मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि रवि के सीजन में हुई बारिश से फसलों में नई जान आएगी। फसलों की बढ़वार अच्छी होगी। इससे उत्पादन भी बेहतर रहेगी। लंबे समय से बारिश न होने से किसान चितिंत थे। नवंबर में गेहूं, जौ आदि की बोआई के बाद तो बारिश ही नहीं हुई। इससे नमी वाले इलाकों में गेहूं उगा जबकि कम नमी वाले स्थानों पर गेहूं और जौ आधा अधूरा ही उग पाया। अब हाल में हुई बारिश से फसल को नया जीवन मिलेगा।
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जिले में रबी की फसल से कुल कृषि क्षेत्र के 12 प्रतिशत में ही सिंचाई की सुविधा जबकि 88 प्रतिशत क्षेत्र बारिश पर आधारित है। अल्मोड़ा में पिछले 24 घंटों में 15.7 मिमी बारिश हुई। रानीखेत में 26, द्वाराहाट 15, चौखुटिया 19, सोमेश्वर 16, भिकियासैंण चार, जागेश्वर 11, ताकुला 12.50, शीतलाखेत 10, भैंसियाछाना 12 मिमी बारिश है। 12 जनवरी को मौसम शुष्क रहेगा। अगले 24 घंटे में बर्फबारी और बारिश होने के आसार हैं।
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अल्मोड़ा और इसके आसपास के क्षेत्रों में दो तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हुई। मंगलवार को भी धूप-छांव का खेल चलता रहा। सुबह, दोपहर में धूप खिली। धूप खिलने से लोगों को कुछ देर राहत मिली लेकिन इसके बाद आसमान में फिर बादल छा गए। इससे कड़ाके की ठंड में इजाफा हो गया। सोमवार को बिनसर समेत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई थी। बर्फबारी के बाद तापमान में काफी गिरावट आई है। दिनभर बर्फीली हवा चलने से लोग हाड़ कंपकंपाती ठंड से बेहाल रहे। बुजुर्ग और बच्चे रजाइयों में दुबके रहे। अधिकतम तापमान 10 और न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शराब के ठेकों में भी भीड़ रही।