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अल्मोड़ा पुनर्गठन पेयजल योजना के निर्माण को शासन की हरी झंडी
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अल्मोड़ा। बहुप्रतीक्षित अल्मोड़ा पेयजल योजना के पुनर्गठन के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिल गई है। योजना के निर्माण के लिए शासन स्तर पर निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। पेयजल योजना के पुनर्गठन का काम 17.50 करोड़ लागत से होगा। निर्माण कार्य अगले सप्ताह शुरू होने की उम्मीद है। पंद्रह माह में यह कार्य पूरा किया जाना है। इस योजना के निर्माण के बाद अल्मोड़ा नगर को 7.5 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा।
शहर और आसपास के इलाके की करीब एक लाख आबादी को प्रतिदिन 16 एमएलडी पानी की जरूरत है। जल संस्थान आठ से नौ एमएलडी पानी ही सप्लाई कर पा रहा है। जिससे गरमी के सीजन में लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। कई मोहल्लों में एक दिन छोड़ कर पानी की आपूर्ति होती है। शहर की पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए दो साल पहले एनटीडी में 40 लाख लीटर क्षमता के विक्टर मोहन जोशी जलाशय का निर्माण किया गया है पर इस टैंक तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन नहीं बिछ पाई थी। इस कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा था।
पिछले साल मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा पेयजल योजना के पुनर्गठन को स्वीकृत दी थी। योजना के तहत मटेला से एनटीडी जलाशय तक 14 इंच की पाइप लाइन बिछाने, मटेला में ट्रीटमेंट प्लांट, ओवर हैड टैंक, पंप हाउस का निर्माण करने आदि कार्य होने हैं। शासन पूर्व में ही पेयजल निगम निर्माण शाखा को 11.5 करोड़ रुपये भी अवमुक्त कर चुका है। पूर्व में दो बार निविदा आमंत्रित की गई थी, लेकिन निरस्त हो गई थी। तीसरी बार विभाग ने 15 फरवरी को पुन: निविदा आमंत्रित की थी। पेयजल निगम निर्माण शाखा के ईई केडी भट्ट ने बताया कि शासन स्तर पर निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पेयजल योजना के पुनर्गठन का कार्य 17.50 करोड़ लागत से होगा। ठेकेदार को योजना का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए तिथि दी जा रही है। अगले सप्ताह तक योजना का कार्य शुरू करवाया जाएगा।
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शहर और आसपास के इलाके की करीब एक लाख आबादी को प्रतिदिन 16 एमएलडी पानी की जरूरत है। जल संस्थान आठ से नौ एमएलडी पानी ही सप्लाई कर पा रहा है। जिससे गरमी के सीजन में लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। कई मोहल्लों में एक दिन छोड़ कर पानी की आपूर्ति होती है। शहर की पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए दो साल पहले एनटीडी में 40 लाख लीटर क्षमता के विक्टर मोहन जोशी जलाशय का निर्माण किया गया है पर इस टैंक तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन नहीं बिछ पाई थी। इस कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा था।
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पिछले साल मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा पेयजल योजना के पुनर्गठन को स्वीकृत दी थी। योजना के तहत मटेला से एनटीडी जलाशय तक 14 इंच की पाइप लाइन बिछाने, मटेला में ट्रीटमेंट प्लांट, ओवर हैड टैंक, पंप हाउस का निर्माण करने आदि कार्य होने हैं। शासन पूर्व में ही पेयजल निगम निर्माण शाखा को 11.5 करोड़ रुपये भी अवमुक्त कर चुका है। पूर्व में दो बार निविदा आमंत्रित की गई थी, लेकिन निरस्त हो गई थी। तीसरी बार विभाग ने 15 फरवरी को पुन: निविदा आमंत्रित की थी। पेयजल निगम निर्माण शाखा के ईई केडी भट्ट ने बताया कि शासन स्तर पर निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पेयजल योजना के पुनर्गठन का कार्य 17.50 करोड़ लागत से होगा। ठेकेदार को योजना का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए तिथि दी जा रही है। अगले सप्ताह तक योजना का कार्य शुरू करवाया जाएगा।
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