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अल्मोड़ा पेयजल योजना के पुनर्गठन की निविदा प्रक्रिया शासन स्तर पर गतिमान
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अल्मोड़ा पेयजल योजना के पुनर्गठन की निविदा प्रक्रिया शासन स्तर पर गतिमान है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद मटेला से विक्टर मोहन जलाशय तक लाइन बिछाने, मटेला में ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने समेत अन्य कार्य इसमें शामिल हैं। इस योजना के बनने से शहर को 7.5 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिल सकेगा।
शहर और आसपास की करीब एक लाख आबादी को प्रतिदिन 16 एमएलडी पानी की जरूरत है। पर जल संस्थान मात्र आठ एमएलडी पानी की ही आपूर्ति कर पा रहा है। खासकर गर्मी में लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। एनटीडी में बनाए गए विक्टर मोहन जोशी जलाशय की क्षमता 40 लाख लीटर की है। पर दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी इस टैंक तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन नहीं बिछी है। इस कारण यह टैंक निष्प्रयोज्य पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा पेयजल योजना के पुनर्गठन योजना को स्वीकृत दी थी और 25.46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से मटेला से एनटीडी तक 14 इंच की पाइप लाइन बिछाने, मटेला में ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने समेत अन्य कार्य होंगे। इस योजना के बनने से शहर को 7.5 एमएलडी पानी अतिरिक्त मिलेगा। इससे काफी हद तक शहर की पेयजल समस्या का समाधान हो जाने की आशा है। शासन से पूर्व में ही पेयजल निर्माण निगम को 11.5 करोड़ रुपये भी अवमुक्त हो गए हैं। पूर्व में दो बार निविदा निरस्त हो गई थी। तीसरी बार विभाग ने 15 फरवरी को पुन: निविदा आमंत्रित की। निविदा प्रक्रिया शासन स्तर पर विचाराधीन है। विभाग के ईई केडी भट्ट ने बताया कि शासन स्तर पर निविदा खुल गई है। योजना के लिए ठेकेदार से दरें कम करने का अनुरोध किया गया है। अनुमोदन के लिए नेगोसिएशन प्रस्ताव शासन की कमेटी के पास भेजा जाएगा। अनुमोदन मिलने के बाद योजना का कार्य शुरू हो सकेगा।
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शहर और आसपास की करीब एक लाख आबादी को प्रतिदिन 16 एमएलडी पानी की जरूरत है। पर जल संस्थान मात्र आठ एमएलडी पानी की ही आपूर्ति कर पा रहा है। खासकर गर्मी में लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। एनटीडी में बनाए गए विक्टर मोहन जोशी जलाशय की क्षमता 40 लाख लीटर की है। पर दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी इस टैंक तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन नहीं बिछी है। इस कारण यह टैंक निष्प्रयोज्य पड़ा है।
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मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा पेयजल योजना के पुनर्गठन योजना को स्वीकृत दी थी और 25.46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से मटेला से एनटीडी तक 14 इंच की पाइप लाइन बिछाने, मटेला में ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने समेत अन्य कार्य होंगे। इस योजना के बनने से शहर को 7.5 एमएलडी पानी अतिरिक्त मिलेगा। इससे काफी हद तक शहर की पेयजल समस्या का समाधान हो जाने की आशा है। शासन से पूर्व में ही पेयजल निर्माण निगम को 11.5 करोड़ रुपये भी अवमुक्त हो गए हैं। पूर्व में दो बार निविदा निरस्त हो गई थी। तीसरी बार विभाग ने 15 फरवरी को पुन: निविदा आमंत्रित की। निविदा प्रक्रिया शासन स्तर पर विचाराधीन है। विभाग के ईई केडी भट्ट ने बताया कि शासन स्तर पर निविदा खुल गई है। योजना के लिए ठेकेदार से दरें कम करने का अनुरोध किया गया है। अनुमोदन के लिए नेगोसिएशन प्रस्ताव शासन की कमेटी के पास भेजा जाएगा। अनुमोदन मिलने के बाद योजना का कार्य शुरू हो सकेगा।
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