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सल्ट विकासखंड के 100 से अधिक गांवों में दो दिन से पानी नहीं आया
Thu, 18 Apr 2019 11:38 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 18 Apr 2019 11:38 PM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : AMAR UJALA
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सल्ट विकासखंड के अंतर्गत गुलार-करगेत पेयजल योजना तथाऔर शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना में दो दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। इस कारण 100 से अधिक गांवों में पानी की त्राहि-त्राहि मची है। ग्रामीण दो से तीन किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोत और नौलों से पानी ढो रहे हैं।
गुलार-करगेत पेयजल योजना के पाइप जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। कई स्थानों पानी लीक हो रहा है। इस कारण योजना में जलापूर्ति ठप है। शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना में तकनीकी खराबी के कारण पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। दोनों योजना से जुड़े मौलेखाल, जालीखान, कपड़ाढैया, बांगीधार, मुनड़ा, जसपुर, भ्याड़ी, औलेत, शशिखाल, घसकोट, सकरखोला, प्रेमनगर, तहसील परिसर, नपटुवा, पोखरी, वैला, देवायल, हिनौला, करगेत, थला, बसौली समेत 100 से अधिक गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। दो दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण परेशान हैं।
ग्रामीण दो से तीन किमी दूर स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। जल स्रोतों में सुबह से ही पानी के लिए लोगों की भीड़ लग जा रही है। इसके बावजूद लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। शादी के सीजन में बारातियों के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। मौलेखाल निवासी सोबन सिंह बोरा ने बताया कि दो दिनों से पानी नहीं मिला है। इस कारण काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना के मुख्य टैंक से गांवों में गंदा पानी की सप्लाई हो रही है। जल संस्थान के जेई गौरव आर्या ने बताया कि गुलार-करेगत पेयजल योजना के स्रोत में पानी कम हो गया है। इस कारण योजना से जुड़े गांवों में हर तीसरे दिन पानी दिया जाएगा।
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कोट-
शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना के पंप में लगी मोटर में तकनीकी खराबी आ गई है। इस कारण योजना में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। मोटर में आई तकनीकी खराबी को जल्द ठीक कर पेयजल सप्लाई सुचारू की जाएगी।
केएन सेमवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम भिकियासैंण।
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गुलार-करगेत पेयजल योजना के पाइप जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। कई स्थानों पानी लीक हो रहा है। इस कारण योजना में जलापूर्ति ठप है। शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना में तकनीकी खराबी के कारण पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। दोनों योजना से जुड़े मौलेखाल, जालीखान, कपड़ाढैया, बांगीधार, मुनड़ा, जसपुर, भ्याड़ी, औलेत, शशिखाल, घसकोट, सकरखोला, प्रेमनगर, तहसील परिसर, नपटुवा, पोखरी, वैला, देवायल, हिनौला, करगेत, थला, बसौली समेत 100 से अधिक गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। दो दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण परेशान हैं।
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ग्रामीण दो से तीन किमी दूर स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। जल स्रोतों में सुबह से ही पानी के लिए लोगों की भीड़ लग जा रही है। इसके बावजूद लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। शादी के सीजन में बारातियों के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। मौलेखाल निवासी सोबन सिंह बोरा ने बताया कि दो दिनों से पानी नहीं मिला है। इस कारण काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना के मुख्य टैंक से गांवों में गंदा पानी की सप्लाई हो रही है। जल संस्थान के जेई गौरव आर्या ने बताया कि गुलार-करेगत पेयजल योजना के स्रोत में पानी कम हो गया है। इस कारण योजना से जुड़े गांवों में हर तीसरे दिन पानी दिया जाएगा।
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शशिखाल-कोटेश्वर पंपिंग योजना के पंप में लगी मोटर में तकनीकी खराबी आ गई है। इस कारण योजना में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। मोटर में आई तकनीकी खराबी को जल्द ठीक कर पेयजल सप्लाई सुचारू की जाएगी।
केएन सेमवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम भिकियासैंण।