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द्वाराहाट क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार, तीन किमी दूर से ढो रहे पानी
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छबीसा मासर में तीन किमी दूर गधेरे से पानी लाती महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
द्वाराहाट/रानीखेत (अल्मोड़ा)। विकासखंड के सभी क्षेत्रों में पानी का हाहाकार मचा हुआ है। हर घर नल-हर घर जल के तहत गांवों में लाइनें तो बिछा दी गईं, लेकिन पानी की कोई व्यवस्था न होने से पूर्व में स्टैंड पोस्ट से मिलने वाला पानी भी अब नहीं मिल रहा है।
इधर कफड़ा, छबीसा, मासर के ग्रामीण विगत एक माह से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। यहां के ग्रामीण तीन-तीन किलोमीटर दूर से पानी ढो रहे हैं।
गांव के बुजुर्ग विपिन चंद्र पाठक, हंसादत्त जोशी, घनानंद बिष्ट आदि भी तीन-तीन किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत छबीसा के प्रधान दिनेश कुमार, मासर प्रधान हेमा देवी सहित ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के अभियंता पहले तो फोन नहीं उठाते हैं, यदि उठा लिया तो बहाना बनाते हैं कि क्षेत्र में पानी का टैंकर भेजने के लिए बजट आवंटित नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने शीघ्र टैंकर से पानी की आपूर्ति नहीं होने पर आंदोलन करने और 10 अप्रैल को राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी है।
उधर ताड़ीखेत ब्लॉक की सुदूरवर्ती चापड़, हिड़ाम में भी पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गांव के लिए आज तक योजना नहीं बनी है। आक्रोशित पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने ने आमरण अनशन शुरू की चेतावनी दी है।
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मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों चापड़, हिड़ाम के ग्रामीण पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के वर्षों से जूझ रहे हैं। ग्रामीण पांच किमी दूर से पानी ढो रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह फर्त्याल ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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इधर कफड़ा, छबीसा, मासर के ग्रामीण विगत एक माह से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। यहां के ग्रामीण तीन-तीन किलोमीटर दूर से पानी ढो रहे हैं।
गांव के बुजुर्ग विपिन चंद्र पाठक, हंसादत्त जोशी, घनानंद बिष्ट आदि भी तीन-तीन किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत छबीसा के प्रधान दिनेश कुमार, मासर प्रधान हेमा देवी सहित ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के अभियंता पहले तो फोन नहीं उठाते हैं, यदि उठा लिया तो बहाना बनाते हैं कि क्षेत्र में पानी का टैंकर भेजने के लिए बजट आवंटित नहीं हुआ है।
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ग्रामीणों ने शीघ्र टैंकर से पानी की आपूर्ति नहीं होने पर आंदोलन करने और 10 अप्रैल को राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी है।
उधर ताड़ीखेत ब्लॉक की सुदूरवर्ती चापड़, हिड़ाम में भी पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गांव के लिए आज तक योजना नहीं बनी है। आक्रोशित पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने ने आमरण अनशन शुरू की चेतावनी दी है।
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मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों चापड़, हिड़ाम के ग्रामीण पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के वर्षों से जूझ रहे हैं। ग्रामीण पांच किमी दूर से पानी ढो रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह फर्त्याल ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन की चेतावनी दी है।