{"_id":"680547ab5fe4f9506a08dd6f","slug":"water-crisis-in-almora-almora-news-c-232-1-ksp1005-127099-2025-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: हर दिन दो किमी दूर से पानी ढोने की मजबूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: हर दिन दो किमी दूर से पानी ढोने की मजबूरी
Mon, 21 Apr 2025 12:44 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 21 Apr 2025 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा जिले में गर्मी की दस्तक के साथ गहराने लगा पेयजल संकट
अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में पेयजल की समस्या गहराने लगी है। ग्रामीण डेढ़ से दो किमी दूर गधेरे से पानी ढो रहे हैं। तपती दोपहरी में लोगों के हलक सूख रहे हैं।
सूरज की तपिश बढ़ने के साथ ही जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या गहराने लगी है। जिला मुख्यालय से सटे हवालबाग, घनेली, कुटगोली, जोशयाना, उडियारी आदि गांवों में पेयजल संकट बना है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ योजना में पानी बहुत कम आ रहा है। पानी में फोर्स कम होने से लोगों को जरुरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। इधर द्वाराहाट विकासखंड के ग्राम पंचायत कुंवाली के तोक सैजा में लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। यहां अनुसूचित जाति के परिवार रहते हैं। ग्रामीण दो किमी दूर पाखुड़ा के गधेरे से पानी ढो रहे हैं। कई बार गधेरे में भी पानी नहीं मिलता है। इस कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ललित बोरा, दीपक पांडे, नंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि आए दिन पानी की किल्लत रहती है। समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
16 एलएमडी की जरूरत मिल रहा 13 एमएलडी पानी
अल्मोड़ा। नगर और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना 16 एलएमडी पानी की जरुरत है। इसके सापेक्ष 13 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। गर्मियों के दस्तक देते ही पानी की किल्लत भी गहराने लगती है। बारिश होने पर कोसी नदी में सिल्ट आ जाती है, इससे पंपिंग ठप हो जाती है और पूरे शहर के लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड बनने के कई सालों बाद भी नगर की पेयजल वितरण व्यवस्था दुरुरस्त नहीं हो सकी है। इधर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति हो रही है। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर कंट्रोल रूम में संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में पेयजल की समस्या गहराने लगी है। ग्रामीण डेढ़ से दो किमी दूर गधेरे से पानी ढो रहे हैं। तपती दोपहरी में लोगों के हलक सूख रहे हैं।
सूरज की तपिश बढ़ने के साथ ही जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या गहराने लगी है। जिला मुख्यालय से सटे हवालबाग, घनेली, कुटगोली, जोशयाना, उडियारी आदि गांवों में पेयजल संकट बना है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ योजना में पानी बहुत कम आ रहा है। पानी में फोर्स कम होने से लोगों को जरुरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। इधर द्वाराहाट विकासखंड के ग्राम पंचायत कुंवाली के तोक सैजा में लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। यहां अनुसूचित जाति के परिवार रहते हैं। ग्रामीण दो किमी दूर पाखुड़ा के गधेरे से पानी ढो रहे हैं। कई बार गधेरे में भी पानी नहीं मिलता है। इस कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ललित बोरा, दीपक पांडे, नंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि आए दिन पानी की किल्लत रहती है। समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
16 एलएमडी की जरूरत मिल रहा 13 एमएलडी पानी
अल्मोड़ा। नगर और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना 16 एलएमडी पानी की जरुरत है। इसके सापेक्ष 13 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। गर्मियों के दस्तक देते ही पानी की किल्लत भी गहराने लगती है। बारिश होने पर कोसी नदी में सिल्ट आ जाती है, इससे पंपिंग ठप हो जाती है और पूरे शहर के लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड बनने के कई सालों बाद भी नगर की पेयजल वितरण व्यवस्था दुरुरस्त नहीं हो सकी है। इधर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति हो रही है। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर कंट्रोल रूम में संपर्क करें।
विज्ञापन