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उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग

Sun, 26 Feb 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा Updated Sun, 26 Feb 2017 12:27 AM IST
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Uttarakhand, seeking to declare the outback
गांधी पार्क अल्मोड़ा में धरना देते यूकेडी, राज्य आंदोलनकारी संगठन के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
 
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राज्य आंदोलनकारियों, आश्रितों को क्षैतिज आरक्षण दिए जाने संबधित विधेयक के लंबित होने, राज्य में रोजगार के साधनों की कमी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन की समुचित व्यवस्था न होने, सभी जिलों में डॉक्टरों की भारी कमी आदि विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल, राज्य आंदोलनकारी संगठन, उत्तराखंड स्टूडेंट फेडरेशन ने गांधी पार्क में धरना दिया। वक्ताओं ने विभिन्न समस्याओं का समाधान न होने पर रोष प्रकट किया। उन्होंने उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग राज्यपाल से की। 

    गांधी पार्क में एकत्रित विभिन्न संगठनों के लोगों ने सभा करते हुए कहा कि राज्य में रोजगार के साधनों का अभाव है। इससे पहाड़ में पलायन की समस्या बढ़ती जा रही है। यही नहीं शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में राज्य आंदोलनकारियों का भी सम्मान नहीं किया जाता है। उनको दी जाने वाली सुविधाओं में भी खानापूर्ति की गई है। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों एवं आश्रितों के लिए क्षैतिज आरक्षण दिए जाने संबधित विधेयक को स्वीकृत करने की मांग राज्यपाल से की।
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वक्ताओं ने कहा कि कृषि योग्य भूमि होने के बावजूद यहां सरकार, भूमाफिया द्वारा जमीनों की अंधाधुंध खरीद की गई है, जिसे देखते हुए राज्य में धारा 370 के प्रावधान लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने बेरोजगारी, पलायन को देखते हुए सरकारी नौकरियों के सभी खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने, राज्य में एक परिवार से एक सरकारी रोजगार नीति लागू करने, डॉक्टरों की कमी पूरी करने, राज्य आंदोलनकारियों को प्रति माह सम्मानजनक पेंशन देने, समान निशुल्क शिक्षा देने, विधानसभा, पंचायत क्षेत्रों के परिसीमन का आधार भौगोलिक मानकर पुन: परिसीमन की भी मांग की।
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धरने में ब्रह्मानंद डालाकोटी, शिवराज बनौला, मुमताज कश्मीरी, महेश परिहार, आनंदी महरा, दीपा परगाई, तारा राम, दीवान बनौला, दिनेश जोशी, हरीश जोशी, एलडी शर्मा, भानु पंत, ममता मेहता, रेखा बगड़वाल, महेश पांडे, नीरज लटवाल, चंद्रशेखर जोशी, गीतांजलि, विजय नेगी, धीरज भट्ट, उदय महरा आदि थे।

 
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