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अवकाश का सदुपयोग करना कोई इनसे सीखे
Thu, 10 Jan 2019 11:11 PM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Published by: Almora desk
Updated Thu, 10 Jan 2019 11:11 PM IST
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श्मशानघाट जाने वाले रास्ते को ठीक करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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पहली साप्ताहिक बंदी के अवकाश का भला इससे बड़ा सदुपयोग और क्या हो सकता था। व्यापारियों ने अगनेरी के निकट श्मशान घाट के उस रास्ते को ठीक कर शव ले जाने लायक बना दिया है जो तहसील सड़क के निर्माण के दौरान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि इस दौरान लोगों को बडे बोल्डर और पेड़ हटाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी पर पसीना छूटने के बावजूद व्यापारियों ने हिम्मत नहीं हारी और अच्छे कार्य को अंजाम दिया। पहली साप्ताहिक बंदी के अवकाश का भला इससे बड़ा सदुपयोग और क्या हो सकता था।
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व्यापारियों ने पहली साप्ताहिक बंदी में उन लोगों को आइना दिखाने का काम किया है जो हर कार्य के लिए सरकारी तंत्र पर निर्भर रहते हैं। गत दिनों तहसील सड़क निर्माण के दौरान गिरे बड़े पेड़ों और बोल्डर से अगनेरी श्मशान घाट का रास्ता बंद हो गया था, जिसके चलते लोगों को शव ले जाने में खासी दिक्कतें हो रही थीं। लोग उबड़-खाबड़ रास्ते झाड़ियों के बीच से किसी तरह शव ले जा रहे थे। यह मामला अमर उजाला में प्रमुखता से छपा था।
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व्यापार संघ ने उसी का संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार के अवकाश को इस पुनीत कार्य के लिए समर्पित कर दिया। सभी व्यापारी श्मशान घाट के रास्ते में सुबह ग्यारह बजे पहुंचकर अपने अभियान में जुट गए। इस दौरान बड़े बोल्डर और पेड़ हटाने में उन्हें भारी मश्क्कत करनी पड़ी पर सभी ने सामूहिक रूप से रास्ते को शवों को ले जाने लायक बना दिया है।
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लोगों ने रास्ते की झाड़ियों को भी साफ किया। इस कार्य में व्यापार संघ अध्यक्ष गणेश कांडपाल, गणेश बुधोड़ी, किसन संगेला, दान सिंह, नवीन जोशी, राजेश जोशी, मदन कुमयां, हरीश मैनाली, पप्पू सती, गगन कैड़ा, हरीश झुलेना, जगदीश बिष्ट, राजेंद्र कांडपाल, रोहित किरौला, तरूण रौतांण, रमेश नेगी, दीपक मनराल, प्रेम घनस्याल, हरीश तिवारी, चंदू जोशी, हेम कांडपाल, जावेद, बीरेंद्र वर्मा, विनोद छिमवाल, रमेश अग्रवाल आदि कई लोग शामिल थे।