अल्मोड़ा। मसूरी गोलीकांड की 26 वीं बरसी पर बुधवार को उक्रांद, उलोवा ने दो सितंबर 1994 को मसूरी में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी ।
उत्तराखंड क्रांति दल जिला इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि दो सितंबर 1994 को मसूरी में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार का वह बर्बर चेहरा सामने आया। पुलिस की ओर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। उन्होंने कहा उक्रांद उत्तराखंड को राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का राज्य बनाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्रों में सरकारी संस्थाओं का नामकरण करने, शहीदों के परिवारों को उचित सम्मान और सहायता देने की मांग उठाई। वहां जिला संयोजक शिवराज बनौला, पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी, गिरीश साह, विधानसभा क्षेत्र प्रभारी भानुप्रकाश जोशी, दिनेश जोशी, प्रेमबल्लभ कांडपाल, उदय महरा, सोनू बिष्ट, मुकेश रावत, अशोक आदि थे।
इधर उत्तराखंड लोक वाहिनी ने वर्चुअल बैठक में मसूरी गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। वाहिनी महासचिव पूरन चंद्र तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड आज भी शहीदों के सपनों का राज्य नहीं बना। अधिवक्ता जगत रौतेला, दयाकृष्ण कांडपाल ने भी विचार रखे। जंगबहादुर थापा की अध्यक्षता में पूरन चंद्र तिवारी ने संचालन किया। वहां हरीश मेहता, हारिस मुहम्मद, अजय मेहता, शमशेर जंग गुरुंग, सुशीला धपोला, रेवती बिष्ट, अजय मित्र बिष्ट, कुणाल तिवारी, दयाकृष्ण कांडपाल आदि थे।