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ताड़ीखेत के लिए तीन पेयजल योजनाएं, फिर भी लोग प्यासे
Thu, 30 May 2019 11:33 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 30 May 2019 11:33 PM IST
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ताड़ीखेत में पानी के लिए हैंडपंप पर निर्भर होते लोग
- फोटो : अमर उजाला
तीन पेयजल योजनाएं संचालित होने के बावजूद ताड़ीखेत क्षेत्र के लोगों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। यहां पिछले चार दिनों से नलों में एक बूंद भी पानी की नहीं टपका। हालांकि यहां कुछ इलाकों में तीसरे दिन पानी खुलता है, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं। लोग हैंडपंपों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं। एक साल पूर्व संघर्ष समिति के बैनर तले लोग अनशन भी कर चुके हैं, लेकिन यहां पेयजल वितरण की व्यवस्था आज तक नहीं सुधर सकी।
ताड़ीखेत में गगास पेयजल योजना, ऋषिगाड़ योजना और तिपौला पंपिंग योजना से पानी आता है। तीन योजनाएं होने के बावजूद तीसरे दिन पानी मिल रहा था, लेकिन अब यह प्रक्रिया भी पिछले चार दिनों से ठप है। पानी के लिए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने बताया कि पानी की समस्या को लोग जिलाधिकारी के सम्मुख भी उठा चुके हैं। जल निगम और जल संस्थान एक दूसरे के सिर जिम्मेदारी मढ़ रहे हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। विभागों में तालमेल का भारी अभाव है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र पानी नहीं आया तो फिर से वृहद अनशन शुरू कर दिया जाएगा। इधर, चिलियानौला, पिलखोली, जैनोली, बजीना, डौरब, टूनाकोट सहित तमाम स्थानों पर पानी की किल्लत के चलते लोग परेशान हैं।
कोट----
गगास नदी पर डैम बन रहा है जल निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि डैम बनाने वालों ने पानी रोका हुआ है, जिसके चलते पंपिंग नहीं हो पा रही है। जब पंपिंग ही नहीं होगी तो जल संस्थान वितरण कहां से करेगा।
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मनोज पांडे, जेई, जल संस्थान, चिलियानौला रानीखेत।
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ताड़ीखेत में गगास पेयजल योजना, ऋषिगाड़ योजना और तिपौला पंपिंग योजना से पानी आता है। तीन योजनाएं होने के बावजूद तीसरे दिन पानी मिल रहा था, लेकिन अब यह प्रक्रिया भी पिछले चार दिनों से ठप है। पानी के लिए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने बताया कि पानी की समस्या को लोग जिलाधिकारी के सम्मुख भी उठा चुके हैं। जल निगम और जल संस्थान एक दूसरे के सिर जिम्मेदारी मढ़ रहे हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। विभागों में तालमेल का भारी अभाव है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र पानी नहीं आया तो फिर से वृहद अनशन शुरू कर दिया जाएगा। इधर, चिलियानौला, पिलखोली, जैनोली, बजीना, डौरब, टूनाकोट सहित तमाम स्थानों पर पानी की किल्लत के चलते लोग परेशान हैं।
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गगास नदी पर डैम बन रहा है जल निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि डैम बनाने वालों ने पानी रोका हुआ है, जिसके चलते पंपिंग नहीं हो पा रही है। जब पंपिंग ही नहीं होगी तो जल संस्थान वितरण कहां से करेगा।
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मनोज पांडे, जेई, जल संस्थान, चिलियानौला रानीखेत।