{"_id":"582f33eb4f1c1bfe518fdd3d","slug":"the-trade-deficit-fell-flat-notes","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटों की कमी से व्यापार औंधे मुंह गिरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटों की कमी से व्यापार औंधे मुंह गिरा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 18 Nov 2016 10:31 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा में एक दुकानदार ग्राहको का इंतजार करता हुआ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोट बंदी के दस दिन बाद भी बाजार मंदा ही चल रहा है। होटल, ढाबे के अलावा दवा विक्रेताओं के व्यवसाय में भी काफी फर्क पड़ा है। बाजार में पर्याप्त करेंसी नहीं होने से लोग भी अभी आवश्यक सामान ही खरीद रहे हैं। शादी ब्याह वाले किराने की दुकानों से उधारी में राशन ले जा रहे हैं।
विज्ञापन
व्यापारियों द्वारा पुराने नोट लेने से इंकार करने के बाद बही खाता उधारी में चल रहा है। शादी वाले भी व्यापारियों से उधार में राशन ले जा रहे हैं। किराना स्टोर के मालिक राजेश पालनी ने बताया कि शादी का समय है, लेकिन बाजार में नकदी की कमी है। ग्राहकों को वह उधार पर सामान दे रहे हैं। पुराने नोट बंद होने के बाद से पिछले नौ दिन में आमदनी काफी घट गई है। शादी वाले लोगों को वह पहचान के आधार पर ही उधार में राशन दे रहे हैं और उनसे चेक से पेमेंट या फिर नई करेंसी से उधार चुकता करने को कहा गया है।
विज्ञापन
यही हाल रेस्टोरेंट, ढाबे वालों का है। सुमंगलम रेस्टोरेंट के संचालक अनिल कुमार भट्ट ने बताया कि वह पुराने नोट नहीं ले रहे हैं जबकि जिन लोगों के पास नई करेंसी आ गई है उसमें भी इक्का दुक्का लोग ही चाय, नाश्ते के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की कमी से वह माल भी कम बना रहे हैं।
विज्ञापन