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चितैली में तारा सिंह को घर के आंगन से ले गया आदमखोर

Wed, 17 Feb 2016 10:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चौखुटिया (अल्मोड़ा)। Updated Wed, 17 Feb 2016 10:55 PM IST
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The terror of man-eating leopard

 ग्राम पंचायत चितैली में तेंदुए ने एक और व्यक्ति को मार डाला है। क्षेत्र में हप्तेभर के भीतर यह दूसरी घटना है। घटना की जानकारी मिलने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया।

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बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर लोगों ने जाम तो खोल दिया अलबत्ता तेंदुए के मारे जाने तक शव न उठाने पर अड़े रहे। बाद में पोस्टमार्टम मौके पर ही करने पर सहमति बन गई।
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ग्राम चितैली निवासी तारा सिंह (45)  सुबह करीब पांच बजे अपने घर के आंगन पर पानी गर्म कर रहे थे। इसी बीच घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें खींचकर झाड़ियों में ले गया। इस बीच तारा का पुत्र भास्कर जब बाहर आया तो वहां खून के निशान देखकर उसने शोर मचाया।
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गांव के लोगों ने तारा सिंह की खोजबीन की। घर से 400 मीटर दूर तारा का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। तेंदुए ने शरीर का अधिकांश हिस्सा खा लिया जबकि सिर कुछ दूरी पड़ा मिला। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करीब एक घंटे तक चौखुटिया-द्वाराहाट एनएच पर जाम लगा दिया।

बाद में रानीखेत के संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत कुमार के आश्वासन पर लोगों ने जाम तो खोल दिया। इसके बाद लोग तेंदुए के मारे जाने तक शव न उठाने पर अड़े रहे। शव का पोस्टमार्टम मौके पर ही करने का निर्णय लिया गया। दोपहर बाद रानीखेत से पहुंची डाक्टरों की टीम ने मौके पर ही पोस्टमार्टम किया।

इस मौके पर तहसीलदार दीवान सिंह बिष्ट, द्वाराहाट के तहसीलदार राजेंद्र नेगी, वन विभाग के एसडीओ बीएस जीना, रेंजर भूपाल सिंह बिष्ट, पूरन तिवारी, इसरार अहमद, थानाध्यक्ष द्वाराहाट अजय साह आदि मौजूद थे। प्रदर्शन करने वालों में प्रधान प्रभादेवी, बीडीसी सदस्य खुशाल सिंह, बिंदेश्वरी पांडे, महेश नेगी, मदन सिंह, नारायण सिंह, उम्मेद सिंह, मंगल सिंह, गिरधर सिंह, कुंदन सिंह, रामसिंह, मंगल सिंह गोविंद सिंह आदि शामिल थे।

वन विभाग के एसडीओ बीएस जीना ने बताया कि विभाग द्वारा तेंदुए को मारने के लिए शिकारी लखपत सिंह के अलावा छह स्थानीय शिकारियों को भी नियुक्त कर दिया गया है। इनमें से दो मचानों में बैठे हैं। ग्रामीणों ने दो गांवों में तेंदुए की आवाज सुनी है।

बताया कि मृतक के परिजनों को 50 हजार की त्वरित सहायता राशि दे दी गई है। शेष ढाई लाख रुपये भी शीघ्र दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा लोगों की नाराजगी स्वाभाविक है, परंतु विभाग के कर्मचारी भी रातदिन लगे हैं। वह स्वयं भी मौके पर रहकर पूरे अभियान में लगे रहेंगे।

मृतक तारासिंह मजदूरी करके किसी तरह से परिवार का भरण पोषण करते थे। घर में उनकी वृद्ध मां आनंदी देवी, पत्नी गंगा देवी बेटा भास्कर और संदीप है। भास्कर जीआईसी चित्रेश्वर में 11वीं और संदीप 12वीं कक्षा में पढ़ता है। सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बदहवाश हालत में चिल्ला रही है।

 घटना की जानकारी मिलने के बाद संसदीय सचिव और विधायक देहरादून से हेलीकॉप्टर से द्वाराहाट उतरने के बाद चितैली पहुंचे। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से तेंदुए के आतंक से प्रभावित गांवों में स्थायी रूप से शिकारी तैनात करने को कहा।

 उन्होंने बताया कि आतंक प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करने के बारे डीएम से बात की जा रही है। बाद में उन्होंने मृतक परिवार को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं ब्लॉक प्रमुख बिशनराम आदि भी मौजूद थे।


इससे पहले पहुंचे चाय विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष कुबेर सिंह कठायत ने फोन से प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से बात कर तेंदुए को मारने के लिए प्रयास तेज करने के साथ ही जनता की मांगों के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा। 

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