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दाड़मी-बधाण दो किमी सड़क 10 साल बाद भी नहीं बनी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Tue, 07 Feb 2017 12:44 AM IST
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सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। 2007 विधानसभा चुनाव के बाद स्वीकृत हुई हैड़ाखान-दाड़मी-बधाण दो किमी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो सका है। ग्रामीण तीन से चार किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर किसी तरह चिलियानौला बाजार पहुंचते हैं। बताया जा रहा है कि वन भूमि की औपचारिकताएं पूरी न होने से मार्ग का निर्माण कार्य लटका है। राज्य सेक्टर से इसके लिए 70 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे।
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चिलियानौला क्षेत्र की आबादी निरंतर बढ़ रही है। बाजार से जुड़े बधाण, दाड़मी गांव यातायात सुविधा से नहीं जुड़ सके हैं। जालली-मासी मोटर मार्ग के अलावा यहां दूसरा स्थानीय संपर्क मार्ग नहीं है। 10 साल पूर्व यहां के लिए हैड़ाखान-दाड़मी-बधाण मोटर मार्ग के नाम से दो किमी लंबी सड़क मंजूर हुई। इसके लिए 70 लाख रुपए भी राज्य सेक्टर से स्वीकृत हुए थे, लेकिन इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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लोनिवि निर्माण खंड के अनुसार चार वर्ष पूर्व एक जुलाई को वन भूमि का प्रस्ताव वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं को भेजा गया। वहां से 11 मामलों पर आपत्तियां मिली थी। इसके बाद आपत्तियों का निराकरण करके वन संरक्षक अल्मोड़ा को भेजा गया।
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नोडल अधिकारी के स्तर से फिर आपत्तियां मिली थी। सभी आपत्तियों का निस्तारण कर लिया गया है। चिलियानौला के वरिष्ठ व्यवसायी विपिन चंद्र शर्मा का कहना है कि ग्रामीणों को दिक्कतें हैं, लेकिन सरकारों और विभागों को कोई सरोकार नहीं है। सड़क के लिए कई बार मुख्यमंत्री सहित तमाम अधिकारियों को ज्ञापन तक भेज दिए गए हैं।