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Almora News: रानीखेत-खैरना मार्ग पर धंसाव का खतरा, कभी भी हो सकता बड़ा हादसा
Tue, 28 Oct 2025 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 28 Oct 2025 11:42 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत-खैरना हाईवे पर एनसीसी मैदान के पास सड़क बुरी तरह से भू-धंसाव की चपेट में आ चुकी है। बरसात के दौरान यह हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया जिससे अब यह मार्ग दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। विभाग की ओर से जगह-जगह पैचवर्क तो किया गया लेकिन एनसीसी मैदान के ऊपर का यह सबसे खतरनाक हिस्सा अब भी जस का तस बना हुआ है।
करीब 20 मीटर लंबी सड़क का हिस्सा एक तरफ से पूरी तरह धंस चुका है जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले ही यह हिस्सा दरकने लगा था लेकिन विभाग ने समय रहते इसकी सुध नहीं ली। स्थानीय निवासी मनोज बिष्ट ने कहा, यहां हर दिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। रात के समय यह हिस्सा और भी खतरनाक हो जाता है। प्रशासन को पहले इसी जगह को प्राथमिकता से ठीक करना चाहिए था। ट्रक और डंपर चालकों ने भी इस मार्ग की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। सड़क की यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर रही है बल्कि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस हिस्से की पक्की मरम्मत नहीं होती तब तक यह रास्ता खतरे से खाली नहीं।
वैकल्पिक मार्ग बना खतरे का सफर
खैरना-रानीखेत मार्ग का महत्व तब और बढ़ जाता है जब क्वारब मार्ग बंद होता है। ऐसे समय में यह सड़क ही एकमात्र वैकल्पिक मार्ग बन जाती है जिससे सैकड़ों वाहन रोजाना इसी रास्ते से गुजरते हैं। छोटे वाहनों से लेकर भारी ट्रक और डंपर तक इस मार्ग पर लगातार आवाजाही करते हैं। व्यापारियों और यात्रियों का कहना है कि यदि यह सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई तो रानीखेत और मैदानी क्षेत्रों के बीच संपर्क बाधित हो जाएगा। इसलिए विभाग को इस मार्ग को मजबूत बनाकर इसे किसी भी स्थिति में यात्रा योग्य बनाए रखने की प्राथमिकता दी जाए।
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करीब 20 मीटर लंबी सड़क का हिस्सा एक तरफ से पूरी तरह धंस चुका है जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले ही यह हिस्सा दरकने लगा था लेकिन विभाग ने समय रहते इसकी सुध नहीं ली। स्थानीय निवासी मनोज बिष्ट ने कहा, यहां हर दिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। रात के समय यह हिस्सा और भी खतरनाक हो जाता है। प्रशासन को पहले इसी जगह को प्राथमिकता से ठीक करना चाहिए था। ट्रक और डंपर चालकों ने भी इस मार्ग की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। सड़क की यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर रही है बल्कि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस हिस्से की पक्की मरम्मत नहीं होती तब तक यह रास्ता खतरे से खाली नहीं।
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वैकल्पिक मार्ग बना खतरे का सफर
खैरना-रानीखेत मार्ग का महत्व तब और बढ़ जाता है जब क्वारब मार्ग बंद होता है। ऐसे समय में यह सड़क ही एकमात्र वैकल्पिक मार्ग बन जाती है जिससे सैकड़ों वाहन रोजाना इसी रास्ते से गुजरते हैं। छोटे वाहनों से लेकर भारी ट्रक और डंपर तक इस मार्ग पर लगातार आवाजाही करते हैं। व्यापारियों और यात्रियों का कहना है कि यदि यह सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई तो रानीखेत और मैदानी क्षेत्रों के बीच संपर्क बाधित हो जाएगा। इसलिए विभाग को इस मार्ग को मजबूत बनाकर इसे किसी भी स्थिति में यात्रा योग्य बनाए रखने की प्राथमिकता दी जाए।
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