{"_id":"5859665b4f1c1b1864e3a133","slug":"the-prospect-of-the-match-between-the-two-rebels-in-someshwar","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोमेश्वर में दो विद्रोहियों के बीच मुकाबले के आसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोमेश्वर में दो विद्रोहियों के बीच मुकाबले के आसार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 20 Dec 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव में सोमेश्वर सुरक्षित सीट में दो विद्रोहियों के एक दूसरे के सामने होने के आसार हैं। हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आई गीता ठाकुर पर कांग्रेस दाव खेल सकती है। रेखा आर्या कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीती थीं। अब रेखा आर्या भाजपा में हैं और 2017 की सशक्त दावेदार मानी जा रहीं हैं।
विज्ञापन
प्रदेश में हुए राजनीतिक घमासान के दौरान रेखा आर्या ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। उनका अब सोमेश्वर से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। दूसरी तरफ से कांग्रेस भी रेखा को चुनौती देने के लिए कोई मजबूत प्रत्याशी की तलाश में है। पार्टी के पुख्ता सूत्रों ने मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यहां से गीता ठाकुर को उतारने का मन भी बना लिया है। गीता ठाकुर को बाकायदा क्षेत्र में पहुंचकर जनसंपर्क अभियान शुरू करने को कह दिया गया है।
विज्ञापन
गीता ठाकुर ने कांग्रेस छोड़कर 2003 में वह भाजपा का दामन थामा था। 2012 में वह गंगोलीहाट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं, लेकिन सफल नहीं हो सकीं। बीते दिनों राज्य सभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अनिल गोयल के साथ ही उन्हें भी संभावित प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन बाद में पार्टी ने सिर्फ अनिल गोयल को ही उम्मीदवार घोषित कर दिया। इससे नाराज होकर गीता ठाकुर कांग्रेस में शामिल हो गईं। गीता ठाकुर मंगलवार को अल्मोड़ा पहुंचीं और यहां से सीधे सोमेश्वर क्षेत्र में सक्रिय हो गईं। मंगलवार देर शाम तक वह सोमेश्वर में खास कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों से मिलती रहीं। सोमेश्वर से चुनाव लड़ने के बारे में पूछे जाने पर गीता ठाकुर ने कहा कि पार्टी जो आदेश देगी वह उसे स्वीकार करेंगी।
विज्ञापन
रेखा आर्या की भी करीब-करीब यही कहानी है। भाजपा ने 2014 के संसदीय चुनाव में अजय टम्टा को अल्मोड़ा से लोकसभा प्रत्याशी बनाया और इस चुनाव में अजय टम्टा ने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी प्रदीप टम्टा को पराजित किया था। उस वक्त रेखा आर्या भी भाजपा से टिकट की दावेदार थीं। अजय टम्टा के सांसद चुने जाने के बाद रिक्त हुई सोमेश्वर सीट के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने रेखा आर्या को पार्टी में शामिल करके चुनाव मैदान में उतार दिया और रेखा यहां से चुन ली गईं।