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‘क्लाइमेट चेंज का सबसे अधिक असर हिमालय पर’
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:34 PM IST
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कार्यशाला में पुस्तिका का विमोचन करते अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
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जीबी पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान में सेंट्रल फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) और आईकेप की ओर से क्लाइमेट चेंज विषय पर तीन दिवसीय मीडिया कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि मौसम परिवर्तन का सबसे अधिक असर हिमालय क्षेत्र पर पड़ रहा है, लेकिन हिमालय क्षेत्र में हो रही हलचल दुनिया तक नहीं पहुंच पा रही है, जबकि हिमालय को ग्लोबल एजेंडा बनाने की जरूरत है।
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उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जीबी पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान के निदेशक डा. पीपी ध्यानी ने कहा कि मौसम परिवर्तन के कारण दुनिया का तापमान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व के हिमालयी देशों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय हिमालय यंग (युवा) है जिससे मौसम परिवर्तन का असर और भी अधिक पड़ रहा है, लेकिन विश्व स्तर पर हिमालय क्षेत्र के बारे में किसी का ध्यान नहीं गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इसके लिए कुछ कदम उठाए हैं। हाल ही में नेशनल मिशन ऑन हिमालयन स्टडीज की स्थापना की है, इसके तहत हिमालय को लेकर कई विषयों में अध्ययन किए जा रहे हैं।
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उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएमएस के चेयरमेन डा. एन भास्कर राव ने कहा कि अब असली मुद्दा क्लामेट चेंज का है और इस पर सभी को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने हिमालयी राज्यों से दुनिया को सिग्नल पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने हिमालयी राज्यों की जीवन शैली में हो रहे बदलाव को लेकर संजीदा होने और उसे लोगों के बीच रखने का आह्वान किया। प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक डा. आरएन झा ने कहा कि वन विभाग ने भी क्लामेट एक्शन ग्रुप बनाया है, जिसमें 42 सदस्य बनाए गए हैं। जो वन,जल,आपदा और ऊर्जा सेक्टर पर काम कर रहा है। आईकेप के टीम लीडर डा. मुस्तफा अली खान ने बताया कि आईकेप स्विटजरलैंड और भारत का मिला जुला कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि संस्था हिमालयी राज्यों के साथ मिलकर लोगों की समस्याओं पर चर्चा करती है। उत्तराखंड विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (यूकोस्ट) के महानिदेशक डा. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि मौसम परिवर्तन का असर लोगों के स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। भारत में जैव विविधता अधिक होने के कारण क्लाइमेट चेंज का असर और भी अधिक है। इससे निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत है। इस मौके पर क्लाइमेट चेंज पर एक पुस्तिका का भी लोकार्पण किया गया। संचालन सीएमएस की हेड अनु आनंद ने किया। कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे मीडिया प्रतिनिधि और अन्य लोग मौजूद थेे।
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