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Almora News: रामगंगा के उफान से बाई नहर का हेड क्षतिग्रस्त, गेवाड़ घाटी में सिंचाई संकट
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। तेज बारिश के चलते रामगंगा नदी के बढ़े जलस्तर ने गेवाड़ घाटी की सिंचाई व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। नदी के उफान से क्षेत्र की प्रमुख रामगंगा बाई नहर का हेड काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे फिलहाल नहर में सिंचाई पानी पहुंचना संभव नहीं है।
गेवाड़ घाटी की लाइफ लाइन मानी जाने वाली करीब 13 किलोमीटर लंबी रामगंगा बाई नहर से क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की खेती की सिंचाई होती है। वर्तमान में धान रोपाई का समय चल रहा है, ऐसे में नहर के क्षतिग्रस्त होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रविवार देर शाम से हुई तेज बारिश के बाद रामगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण नहर का शुरुआती हिस्सा यानी हेड बह गया। हेड क्षतिग्रस्त होने के कारण पूरी नहर में पानी का संचालन बंद हो गया है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है, जिससे अभी मरम्मत कार्य शुरू करना जोखिम भरा है। जलस्तर कम होने के बाद ही नहर के हेड की मरम्मत का कार्य शुरू किया जा सकेगा। सिंचाई विभाग के अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रामगंगा का जलस्तर कम होते ही क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराकर जल्द से जल्द सिंचाई व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
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गेवाड़ घाटी की लाइफ लाइन मानी जाने वाली करीब 13 किलोमीटर लंबी रामगंगा बाई नहर से क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की खेती की सिंचाई होती है। वर्तमान में धान रोपाई का समय चल रहा है, ऐसे में नहर के क्षतिग्रस्त होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रविवार देर शाम से हुई तेज बारिश के बाद रामगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण नहर का शुरुआती हिस्सा यानी हेड बह गया। हेड क्षतिग्रस्त होने के कारण पूरी नहर में पानी का संचालन बंद हो गया है।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है, जिससे अभी मरम्मत कार्य शुरू करना जोखिम भरा है। जलस्तर कम होने के बाद ही नहर के हेड की मरम्मत का कार्य शुरू किया जा सकेगा। सिंचाई विभाग के अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रामगंगा का जलस्तर कम होते ही क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराकर जल्द से जल्द सिंचाई व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
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