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Almora News: बच्चों को पढ़ाएं या कार्यालयी काम देखें एकल शिक्षक
Sat, 16 Sep 2023 12:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 16 Sep 2023 12:53 AM IST
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जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय प्रारंभिक शिक्षा। संवाद
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राजेंद्र धानक
अल्मोड़ा। जिले में विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की नींव मजबूत करने वाले शिक्षकों की भारी कमी है। एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे 295 विद्यालय इसका प्रमाण हैं जो शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावों को भी खोखला साबित कर रहे हैं। इसके चलते 3407 विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है। हालात यह हैं कि एक शिक्षक के पास पांच कक्षाओं की जिम्मेदारी है।
प्राथमिक शिक्षा का स्तर सुधारने के दावों के बीच अल्मोड़ा जिले के प्राथमिक विद्यालयों की हालत दयनीय है। जिले में 1247 प्राथमिक स्कूल खोले गए हैं। लेकिन विभाग इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं कर पाया है।
हालात यह हैं कि 295 विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि इन विद्यालयों में छात्र संख्या सात से 15 तक है। शिक्षा विभाग के अनुसार इन सभी विद्यालयों में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। इसके बाद भी विभाग पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती करने में लाचार है, इससे इन विद्यालयों में पढ़ने वाले तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है। पांच कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाना एक शिक्षक के लिए चुनौती से बना है। इसके बाद भी शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावे हो रहे हैं। संवाद
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शिक्षक के अवकाश में जाने पर व्यवस्था में चलते हैं विद्यालय
अल्मोड़ा। एकल शिक्षक के भरोसे संचालित इन विद्यालयों में दिक्कत तब आती है जब शिक्षक अवकाश पर चले जाता है। ऐसे में विभाग किसी तरह अन्य विद्यालयों से शिक्षक की व्यवस्था करता है, तब जाकर विद्यालय के दरवाजे खुलते हैं। संवाद
एकल शिक्षक के भरोसे संचालित विद्यालयों की संख्या
विकासखंड विद्यालय छात्र संख्या
भैंसियाछाना 17 211
भिकियासैंण 34 254
चौखुटिया 22 202
द्वाराहाट 22 244
हवालबाग 15 219
लमगड़ा 23 351
स्याल्दे 50 556
ताकुला 16 308
सल्ट 25 221
धौलादेवी 46 573
ताड़ीखेत 25 268
कोट
निश्चित तौर पर इन विद्यालयों में दो शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। एकल शिक्षक के अवकाश में रहने पर आसपास के विद्यालयों से शिक्षकों की व्यवस्था की जाती है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए विभाग प्रयासरत है। - अत्रेश सयाना, जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक), अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा। जिले में विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की नींव मजबूत करने वाले शिक्षकों की भारी कमी है। एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे 295 विद्यालय इसका प्रमाण हैं जो शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावों को भी खोखला साबित कर रहे हैं। इसके चलते 3407 विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है। हालात यह हैं कि एक शिक्षक के पास पांच कक्षाओं की जिम्मेदारी है।
प्राथमिक शिक्षा का स्तर सुधारने के दावों के बीच अल्मोड़ा जिले के प्राथमिक विद्यालयों की हालत दयनीय है। जिले में 1247 प्राथमिक स्कूल खोले गए हैं। लेकिन विभाग इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं कर पाया है।
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हालात यह हैं कि 295 विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि इन विद्यालयों में छात्र संख्या सात से 15 तक है। शिक्षा विभाग के अनुसार इन सभी विद्यालयों में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। इसके बाद भी विभाग पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती करने में लाचार है, इससे इन विद्यालयों में पढ़ने वाले तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है। पांच कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाना एक शिक्षक के लिए चुनौती से बना है। इसके बाद भी शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावे हो रहे हैं। संवाद
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शिक्षक के अवकाश में जाने पर व्यवस्था में चलते हैं विद्यालय
अल्मोड़ा। एकल शिक्षक के भरोसे संचालित इन विद्यालयों में दिक्कत तब आती है जब शिक्षक अवकाश पर चले जाता है। ऐसे में विभाग किसी तरह अन्य विद्यालयों से शिक्षक की व्यवस्था करता है, तब जाकर विद्यालय के दरवाजे खुलते हैं। संवाद
एकल शिक्षक के भरोसे संचालित विद्यालयों की संख्या
विकासखंड विद्यालय छात्र संख्या
भैंसियाछाना 17 211
भिकियासैंण 34 254
चौखुटिया 22 202
द्वाराहाट 22 244
हवालबाग 15 219
लमगड़ा 23 351
स्याल्दे 50 556
ताकुला 16 308
सल्ट 25 221
धौलादेवी 46 573
ताड़ीखेत 25 268
कोट
निश्चित तौर पर इन विद्यालयों में दो शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। एकल शिक्षक के अवकाश में रहने पर आसपास के विद्यालयों से शिक्षकों की व्यवस्था की जाती है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए विभाग प्रयासरत है। - अत्रेश सयाना, जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक), अल्मोड़ा।