{"_id":"5f5e5f038ebc3e98231a4986","slug":"student-politics-in-almora-almora-news-hld396843719","type":"story","status":"publish","title_hn":"शीलापट मिटाने के मामले में छात्रसंघ पदाधिकारियों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शीलापट मिटाने के मामले में छात्रसंघ पदाधिकारियों में रोष
विज्ञापन
अल्मोड़ा। एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में लगे शिलापट से छात्रसंघ पदाधिकारियों के नाम मिटाने का मामला गरमाने लगा है। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने रविवार को इस पर कड़ी नाराजगी जताई। निदेशक को ज्ञापन सौंप एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। कॉलेज प्रशासन की ओर से बैठक कर मामले की पुलिस को सूचना दे दी।
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने परिसर निदेशक को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि एनएसयूआई ने 2019 में चुने गए छात्रसंघ प्रतिनिधियों का नाम शीलापट से मिटा दिया। कहा कि अगर उनकी कोई मांग थी तो कॉलेज प्रशासन को बताना चाहिए था। पदाधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि उन्हें प्रतिनिधियों का शिलापट से नाम मिटाने का अधिकार किसने दिया? उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। एनएसयूआई ने परिसर में मनमानी की है। इससे छात्रसंघ पदाधिकारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर छात्रसंघ पदाधिकारियों के साथ अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की होगी। इधर मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से कमेटी की बैठक में मामले पर चर्चा की गई। इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अल्मोड़ा कोतवाली में सूचना दी गई है। कोतवाल हरेंद्र चौधरी ने तहरीर न मिलने की बात कही है, उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती, उपाध्यक्ष अरविंद बोहरा, छात्रा उपाध्यक्ष मेघा डसीला, महासचिव नवीन कनवाल, उपसचिव दीपक तिवारी, कोषाध्यक्ष राहुल अधिकारी आदि रहे।
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। परिसर प्रशासन की बैठक करने के बाद इसकी जांच के लिए कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी गई है।
विज्ञापन
-प्रो. जगत सिंह बिष्ट, निदेशक एसएसजे विवि, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने परिसर निदेशक को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि एनएसयूआई ने 2019 में चुने गए छात्रसंघ प्रतिनिधियों का नाम शीलापट से मिटा दिया। कहा कि अगर उनकी कोई मांग थी तो कॉलेज प्रशासन को बताना चाहिए था। पदाधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि उन्हें प्रतिनिधियों का शिलापट से नाम मिटाने का अधिकार किसने दिया? उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। एनएसयूआई ने परिसर में मनमानी की है। इससे छात्रसंघ पदाधिकारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर छात्रसंघ पदाधिकारियों के साथ अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की होगी। इधर मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से कमेटी की बैठक में मामले पर चर्चा की गई। इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अल्मोड़ा कोतवाली में सूचना दी गई है। कोतवाल हरेंद्र चौधरी ने तहरीर न मिलने की बात कही है, उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती, उपाध्यक्ष अरविंद बोहरा, छात्रा उपाध्यक्ष मेघा डसीला, महासचिव नवीन कनवाल, उपसचिव दीपक तिवारी, कोषाध्यक्ष राहुल अधिकारी आदि रहे।
विज्ञापन
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। परिसर प्रशासन की बैठक करने के बाद इसकी जांच के लिए कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी गई है।
विज्ञापन
-प्रो. जगत सिंह बिष्ट, निदेशक एसएसजे विवि, अल्मोड़ा।