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मिकें तुमरि यादे औने इजू बौज्यू यो ऊंचा हिमाला...
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:36 AM IST
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गीतों से मां नंदा को नमन
- फोटो : अमर उजाला
अल्मोड़ा। लमगड़ा ब्लॉक के चौकुना गांव में आयोजित गौरा महोत्सव (गंवरा) के तहत गौरा, भगवान शिव की भव्य शोभायात्रा निकली। यात्रा में महिलाएं गौरा महोत्सव के गीत, भजन, कीर्तन गाते हुए चल रही थी। मान्यता है कि निसंतान महिलाएं यदि नियमपूर्वक गौरा, शिव की मूर्तियों को गोद में उठाकर नृत्य करती हैं तो उन्हें संतान प्राप्ति होती है। मूर्तियों को झूलाने से कुंवारी कन्याओं को अच्छा पति मिलता है। गौरा महोत्सव के तहत महिलाओं द्वारा उपवास रखकर धान, गेहूं, जौ के पिरूल से भगवान गणेश, गौरा, शिव की मूर्तियों का निर्माण किया जाता है।
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सप्तमी के दिन तीनों मूर्तियों को परिधान पहनाकर पूजा, अर्चना की जाती है। इसी दिन से पांच दिवसीय गौरा महोत्सव शुरू होता है। चौकुना में गौरा महोत्सव के समापन पर गौरा, शिव की भव्य शोभायात्रा निकली। यात्रा में महिलाएं पैर-पैर गौरा नौ लखिया हार.., मैं किले ब्याही बौज्यू यो ऊंचा हिमाला डांडा, ह्यूं पहाड़ बौज्यू ह्यूं बिछौन.., मिके तुमरि यादे औने इजू बौज्यू यो ऊंचा हिमाला कैलासा.. समेत गौरा महोत्सव के गीत, भजन, कीर्तन गाते हुए चल रही थी। तालगौं स्थित देवी मंदिर में मूर्तियों को विसर्जित किया गया।
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व्रतधारी महिलाओं ने गौरा, शिव की मूर्तियों को गोद में उठाकर नृत्य किया। महिलाओं ने कुमाऊंनी झोड़ा भी गाया। युवक मंगल दल के अध्यक्ष कृष्णा सिंह धानक ने बताया कि गौरा महोत्सव में उपवास रखकर महिलाएं भाग लेती हैं। शोभायात्रा में पूर्व प्रधान जानकी धानक, जीवंती देवी, तुलसी देवी, लीला देवी, बसंती देवी, पार्वती देवी, कलावती देवी, नीमा देवी, खष्टी धानक, मीना धानक, देवकी देवी आदि थे। प्रसाद भी बांटा गया। महोत्सव में सैनोली, नौगांव, कनोली, बरम, नैगाड़, धनखोली की महिलाओं ने भी भाग लिया।
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