{"_id":"603938748ebc3ee8f1664215","slug":"somewhere-the-claim-is-over-somewhere-the-fort-is-strengthened-almora-news-hld416280868","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं दावेदारी खत्म कि तो कहीं किला मजबूत किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं दावेदारी खत्म कि तो कहीं किला मजबूत किया
विज्ञापन
अल्मोड़ा। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने छह और लोगों को दायित्व से नवाजा है। इसमें अल्मोड़ा जनपद से तीन लोगों को दायित्व बांटा गया है। सीएम के इस फैसले से राजनीतिक हलकों में जमकर चर्चे हैं कि आखिर सल्ट विधानसभा के उपचुनाव और विधानसभा चुनाव से पहले इन दायित्वों को बांटकर सीएम क्या राजनीतिक हित साधना चाह रहे हैं। फिलहाल ये तीनों नेता सल्ट उपचुनाव के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं।
सल्ट विधानसभा क्षेत्र के दिनेश मेहरा को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। दिनेश मेहरा सल्ट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे और वह प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें विधानसभा चुनाव से अपना हटाने के लिए ही यह दायित्व दिया गया है। दिनेश मेहरा के बड़े भाई गणेश मेहरा क्षेत्र में जाना पहचाना नाम रह चुके हैं। उनकी मृत्यु के बाद दिनेश ही उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। टिकट नहीं मिलने पर 2007 में निर्दलीय चुनाव भी सल्ट से लड़ चुके हैं। माना जा रहा है कि भाजपा यहां से डा. यशपाल रावत या महेश जीना को टिकट दे सकती है।
इधर जागेश्वर के 67 वर्षीय मोहन सिंह मेहरा को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सलाहकार एवं अनुश्रवण परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की। 2019 में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस से नहीं बनने पर सीएम त्रिवेन्द्र रावत के कहने पर भाजपा में शामिल हो गए। इसका उन्हें इनाम भी मिल गया है। संभावना है कि वह जागेश्वर से भाजपा की ओर से टिकट के लिए जोर आजमाइश कर सकते हैं। बताया जाता है कि गोविंद कुंजवाल के गढ़ में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने मोहन को दायित्व दिया है।
विज्ञापन
दौरे से पहले अल्मोड़ा जनपद को तोहफा
अल्मोड़ा। सीएम अल्मोड़ा जनपद के दौरे पर शनिवार को आ रहे हैं। ऐसे में तीनों दायित्वधारियों की ओर से सीएम के बड़े स्वागत की तैयारी की चर्चा है। वैसे देखा जाए तो इस विधानसभा कार्यकाल में अल्मोड़ा जनपद की मंत्रिमंडल में जमकर उपेक्षा हुई है। यहां से अभी तक कोई भी कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया है। सोमेश्वर विधायक रेखा आर्या राज्य मंत्री तो अल्मोड़ा विधायक रघुनाथ सिंह चौहान को विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
खांटी संघी होने के साथ भाजपा संगठन में भी खास पैठ रखते हैं पंत
रानीखेत (अल्मोड़ा)। मूल रूप से भिकियासैंण के सिरमोली गांव निवासी राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष कैलाश पंत खांटी संघी होने के साथ भाजपा संगठन में भी खास पैठ रखते हैं। 1986 में आरएसएस से जुड़े पंत देश के तमाम स्थानों पर संघ के प्रचारक, विभाग प्रचारक का जिम्मा संभाल चुके हैं। 2002 में उन्हें उत्तराखंड भाजपा का संगठन मंत्री बनाया गया, 2007 में भाजपा सरकार में वह दर्जा राज्य मंत्री भी रहे। 2022 में रानीखेत विधानसभा से उन्हें भाजपा का प्रबल उम्मीदवार भी बताया जा रहा है।
आईटीआई करने के दौरान देहरादून में 1986 में वह आरएसएस के संपर्क में आए थे। तीन साल बाद वह प्रचारक बन गए। इसके बाद उन्होंने कई जिलों में प्रचारक और संयुक्त विभाग प्रचारक की भूमिका निभाई। 2002 में तत्कालीन संगठन मंत्री और वर्तमान में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के विधायक चुने जाने के बाद उन्हें संगठन मंत्री का दायित्व सौंपा गया। कई मोर्चो प्रकोष्ठों के प्रदेश प्रभारी रहे। 2007 में डा. निशंक और जनरल खंडूड़ी सरकार में वह दर्जा राज्य मंत्री बने। पौड़ी, नैनीताल तमाम जिलों के प्रभारी रहे। 2008 और 12 में पंत दिल्ली विधानसभा के प्रभारी बनाए गए। 2019 के लोस चुनाव में पंत को पूर्वी दिल्ली लोक सभा में उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया। उनके अध्यक्ष बनने पर बीडीसी सदस्य गणेश राम सहित तमाम लोगों ने उनका स्वागत किया।
हमारे के यहां टिकट की दौड़ नहीं होती, मैंने वर्षों पार्टी की सेवा की है। टिकट के लिए मैं डिजर्ब भी करता हूं। पार्टी से कभी कुछ नहीं मांगा है। भविष्य में भी पार्टी की सेवा करता रहूंगा। -कैलाश पंत, अध्यक्ष, राज्य आपदा सलाहकार समिति।
विज्ञापन
सल्ट विधानसभा क्षेत्र के दिनेश मेहरा को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। दिनेश मेहरा सल्ट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे और वह प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें विधानसभा चुनाव से अपना हटाने के लिए ही यह दायित्व दिया गया है। दिनेश मेहरा के बड़े भाई गणेश मेहरा क्षेत्र में जाना पहचाना नाम रह चुके हैं। उनकी मृत्यु के बाद दिनेश ही उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। टिकट नहीं मिलने पर 2007 में निर्दलीय चुनाव भी सल्ट से लड़ चुके हैं। माना जा रहा है कि भाजपा यहां से डा. यशपाल रावत या महेश जीना को टिकट दे सकती है।
विज्ञापन
इधर जागेश्वर के 67 वर्षीय मोहन सिंह मेहरा को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सलाहकार एवं अनुश्रवण परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की। 2019 में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस से नहीं बनने पर सीएम त्रिवेन्द्र रावत के कहने पर भाजपा में शामिल हो गए। इसका उन्हें इनाम भी मिल गया है। संभावना है कि वह जागेश्वर से भाजपा की ओर से टिकट के लिए जोर आजमाइश कर सकते हैं। बताया जाता है कि गोविंद कुंजवाल के गढ़ में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने मोहन को दायित्व दिया है।
विज्ञापन
दौरे से पहले अल्मोड़ा जनपद को तोहफा
अल्मोड़ा। सीएम अल्मोड़ा जनपद के दौरे पर शनिवार को आ रहे हैं। ऐसे में तीनों दायित्वधारियों की ओर से सीएम के बड़े स्वागत की तैयारी की चर्चा है। वैसे देखा जाए तो इस विधानसभा कार्यकाल में अल्मोड़ा जनपद की मंत्रिमंडल में जमकर उपेक्षा हुई है। यहां से अभी तक कोई भी कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया है। सोमेश्वर विधायक रेखा आर्या राज्य मंत्री तो अल्मोड़ा विधायक रघुनाथ सिंह चौहान को विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
खांटी संघी होने के साथ भाजपा संगठन में भी खास पैठ रखते हैं पंत
रानीखेत (अल्मोड़ा)। मूल रूप से भिकियासैंण के सिरमोली गांव निवासी राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष कैलाश पंत खांटी संघी होने के साथ भाजपा संगठन में भी खास पैठ रखते हैं। 1986 में आरएसएस से जुड़े पंत देश के तमाम स्थानों पर संघ के प्रचारक, विभाग प्रचारक का जिम्मा संभाल चुके हैं। 2002 में उन्हें उत्तराखंड भाजपा का संगठन मंत्री बनाया गया, 2007 में भाजपा सरकार में वह दर्जा राज्य मंत्री भी रहे। 2022 में रानीखेत विधानसभा से उन्हें भाजपा का प्रबल उम्मीदवार भी बताया जा रहा है।
आईटीआई करने के दौरान देहरादून में 1986 में वह आरएसएस के संपर्क में आए थे। तीन साल बाद वह प्रचारक बन गए। इसके बाद उन्होंने कई जिलों में प्रचारक और संयुक्त विभाग प्रचारक की भूमिका निभाई। 2002 में तत्कालीन संगठन मंत्री और वर्तमान में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के विधायक चुने जाने के बाद उन्हें संगठन मंत्री का दायित्व सौंपा गया। कई मोर्चो प्रकोष्ठों के प्रदेश प्रभारी रहे। 2007 में डा. निशंक और जनरल खंडूड़ी सरकार में वह दर्जा राज्य मंत्री बने। पौड़ी, नैनीताल तमाम जिलों के प्रभारी रहे। 2008 और 12 में पंत दिल्ली विधानसभा के प्रभारी बनाए गए। 2019 के लोस चुनाव में पंत को पूर्वी दिल्ली लोक सभा में उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया। उनके अध्यक्ष बनने पर बीडीसी सदस्य गणेश राम सहित तमाम लोगों ने उनका स्वागत किया।
हमारे के यहां टिकट की दौड़ नहीं होती, मैंने वर्षों पार्टी की सेवा की है। टिकट के लिए मैं डिजर्ब भी करता हूं। पार्टी से कभी कुछ नहीं मांगा है। भविष्य में भी पार्टी की सेवा करता रहूंगा। -कैलाश पंत, अध्यक्ष, राज्य आपदा सलाहकार समिति।