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साहब, गर्मी बीतने के बाद होगा क्या डामरीकरण
Sat, 18 May 2019 11:22 PM IST
दीपक नेगी
बागेश्वर।
बागेश्वर।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sat, 18 May 2019 11:22 PM IST
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बागेश्वर जौलकांडे का बदहाल मोटर मार्ग।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बने बागेश्वर- जौलकांडे मोटर मार्ग की मरम्मत न होने से इस मार्ग पर बने गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। इस मार्ग की मरम्मत का जिम्मा अभी विभाग के पास है परंतु विभाग डामरीकरण नहीं कर रहा है। पिछले तीन सालों से इस मोटर मार्ग की मरम्मत नहीं हुई है। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
पीएमजीएसवाई ने जौलकांडे मोटर मार्ग बनाया था। इस सड़क पर जगह-जगह पर गड्ढे बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढों से परेशान होकर वह कई बार सड़क पर डामरीक रण करने की मांग कर चुके हैं। आरोप है कि पिछले साल दिसंबर में विभाग ने इस पर डामरीकरण किया गया जो पांच महीने भी नहीं टिका। उनका कहना है कि यह मौसम डामरीकरण के लिए उपयुक्त है फिर भी काम नहीं किया जा रहा है। वहीं सड़क पर उखड़े डामर की रोड़ी फैली है जो कि दुर्घटना को दावत दे रही है। लोगों का कहना है कि नियमानुसार मार्ग की मरम्मत की जिम्मेदारी पीएमजीएसवाई की है। ग्रामीणों ने मार्ग की मरम्मत के नाम पर अब तक हुए खर्च व अन्य कार्यों की जांच की मांग की है।
किसानों को नहीं मिला जमीन का मुआवजा
काश्तकार महेश्वर दत्त लोहनी व रमेश चंद्र लोहनी ने बताया कि इस मार्ग कटान को दस वर्ष से अधिक का समय बीत गया है परंतु उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। जिस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। कई बार विभाग को खाता
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खतौनी व अन्य प्रपत्र विभाग सौंप दिए हैं परंतु विभाग धन की कमी की बात कहकर टाल रहा है।
कोट
बागेश्वर कांडा मोटर मार्ग पर डामरीकरण की जरुरत या गड्ढे नहीं है, हो सकता है ग्रामीण आंतरिक मार्गों की बात कर रहे हैं। फिर भी निरीक्षण किया जाएगा यदि जरुरत हुई तो डामरीकरण होगा।
= हितेश कांडपाल, एई लोनिवि
पीएमजीएसवाई ने जौलकांडे मोटर मार्ग बनाया था। इस सड़क पर जगह-जगह पर गड्ढे बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढों से परेशान होकर वह कई बार सड़क पर डामरीक रण करने की मांग कर चुके हैं। आरोप है कि पिछले साल दिसंबर में विभाग ने इस पर डामरीकरण किया गया जो पांच महीने भी नहीं टिका। उनका कहना है कि यह मौसम डामरीकरण के लिए उपयुक्त है फिर भी काम नहीं किया जा रहा है। वहीं सड़क पर उखड़े डामर की रोड़ी फैली है जो कि दुर्घटना को दावत दे रही है। लोगों का कहना है कि नियमानुसार मार्ग की मरम्मत की जिम्मेदारी पीएमजीएसवाई की है। ग्रामीणों ने मार्ग की मरम्मत के नाम पर अब तक हुए खर्च व अन्य कार्यों की जांच की मांग की है।
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किसानों को नहीं मिला जमीन का मुआवजा
काश्तकार महेश्वर दत्त लोहनी व रमेश चंद्र लोहनी ने बताया कि इस मार्ग कटान को दस वर्ष से अधिक का समय बीत गया है परंतु उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। जिस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। कई बार विभाग को खाता
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खतौनी व अन्य प्रपत्र विभाग सौंप दिए हैं परंतु विभाग धन की कमी की बात कहकर टाल रहा है।
कोट
बागेश्वर कांडा मोटर मार्ग पर डामरीकरण की जरुरत या गड्ढे नहीं है, हो सकता है ग्रामीण आंतरिक मार्गों की बात कर रहे हैं। फिर भी निरीक्षण किया जाएगा यदि जरुरत हुई तो डामरीकरण होगा।
= हितेश कांडपाल, एई लोनिवि