ई-पोर्टल के विरोध में दवा विक्रेताओं ने दुकानें बंद रखीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ई-पोर्टल के विरोध में अल्मोड़ा, रानीखेत और द्वाराहाट समेत अन्य स्थानों पर दवा विक्रेताओं ने दुकानें बंद रखीं। राष्ट्रीय आह्वान पर दवा विक्रेताओं ने केंद्र सरकार की इस नीति को दवा विक्रेताओं के हितों के विपरीत बताया और इसे वापस लेने की मांग की। अल्मोड़ा केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के दवा विक्रेताओं ने मंगलवार को अपनी दुकानें बंद रखकर ऑल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट के आंदोलन को समर्थन दिया। केमिस्टों ने बैठक कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की दवाओं के बिक्री के नियंत्रण को ई-पोर्टल बनाने को अव्यवहारिक करार दिया। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र को छोड़कर ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्शन नहीं हैं।
इस स्थिति में स्टॉकिस्ट और केमिस्ट के लिए रोजाना प्राप्त की गई दवा, ब्रिक्री और उन्हें निर्माता को वापस किए जाने की जानकारी आदि को इंटरनेट में अपलोड करना मुश्किल होगा। ई-पोर्टल नीति से देश में दवाओं का अभाव हो जाएगा। दवा मूल्य नियंत्रण नीति की इस नीति से केमिस्टों का शोषण होगा, जो एसोसिएसन और दवा विक्रेताओं को मंजूर नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति को वापस लेने की मांग उठाई। बैठक में बीएस मनकोटी, राघव पंत, कस्तूरी लाल अग्रवाल, आशीष वर्मा, चंदन सिंह मेर, राजेंद्र सिंह नयाल, ललित मोहन भट्ट, एनएस राणा, दीप वर्मा, गणेश वर्मा समेत अन्य केमिस्ट मौजूद थे।