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उदयशंकर अकादमी भवन दूसरे कार्य को देने का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 28 Dec 2015 12:07 AM IST
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उदयशंकर राष्ट्रीय नृत्य एवं संगीत अकादमी के भवन को नए विश्वविद्यालय को सौंपने की तैयारी का शहर के संस्कृति कर्मियों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकार संस्कृति के संरक्षण की बात तो कह रही है, पर अमल में नहीं ला रही है। यदि राष्ट्रीय नृत्य अकादमी का भवन दूसरे कार्य के लिए दिया गया तो यह संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास होगा। सरकार के इस प्रयास के विरोध में सभी उत्तराखंड वासियों को आवाज उठानी चाहिए।
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लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब के सचिव वरिष्ठ रंगकर्मी शिवचरण पांडे का कहना है कि सरकार की यह मनमानी गलत है। संस्कृति के संरक्षण का ढोंग रचा जा रहा है। पर धरातल में कुछ नहीं हो रहा है। यदि सरकार ने नए भवन को दूसरे कार्य के उपयोग में प्रयोग किया तो यह संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास होगा। यदि यही मंशा है तो सरकार को संस्कृति विभाग को ही समाप्त कर देना चाहिए।
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वरिष्ठ रंगकर्मी त्रिभुवन गिरि महाराज कहते हैं कि वर्षों से आस थी कि उदयशंकर नाट्य अकादमी का भवन बनेगा और वहां सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित होंगी। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भवन का शिलान्यास किया। सरकार को उनके सपनों के अनुरूप इस भवन में गतिविधियां संचालित करनी चाहिए अन्यथा विरोध किया जाएगा।
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कुमाऊं लोक कलाकार महासंघ उत्तराखंड के महासचिव रंगकर्मी गोपाल चम्याल का कहना है कि अल्मोड़ा सांस्कृतिक राजधानी है। सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यहां उदयशंकर नाट्य अकादमी का भवन करोड़ों की लागत से बनाया गया है। यदि इस भवन का उपयोग दूसरे कार्यों के लिए किया गया तो कड़ा विरोध करने को बाध्य होंगे।
रंगकर्मी मनमोहन चौधरी का कहना है कि राष्ट्रीय अकादमी में कल्चर गतिविधियां संचालित की जानी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों और कलाकारों को लाभ मिल सके। यह पूरे प्रदेश में एकमात्र संस्थान है। जिस उद्देश्य के लिए यह अकादमी भवन बना है उसी के लिए उपयोग में लाया जाना चाहिए। इसके लिए पूरे उत्तराखंड वासियों को आवाज उठानी होगी। अकादमी भवन नए विवि के लिए नहीं दिया जाना चाहिए।