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12 नौलों में पानी की शुद्धता जांचेंगे वैज्ञानिक
अमर उजाला ब्यूरो ,अल्मोड़ा।
Updated Mon, 12 Jun 2017 10:20 PM IST
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नगर के नौलों के पानी की शुद्धता को लेकर बीते दिनों पीएसआई की रिपोर्ट आने के बाद जीबी पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान कोसी कटारमल सजग हो गया है। संस्थान के वैज्ञानिक भी नगर के 12 नौलों में पानी की शुद्धता की जांच करेंगे।
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बता दें कि बीते दिनों लोक विज्ञान संस्थान (पीएसआई) ने अपनी रिपोर्ट में अल्मोड़ा नगर में स्थित 52 नौलों में से अधिकांश के पानी को दूषित बताते हुए इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया था। रिपोर्ट के मुताबिक इस पानी को ट्रीटमेंट के बगैर पीने से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इस रिपोर्ट के कुछ पहलुओं पर सवाल भी उठे थे।
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हालांकि, वैज्ञानिक इस बात पर एकमत थे कि अधिकांश नौलों का पानी वैज्ञानिक दृष्टि से शुद्ध नहीं है। इस रिपोर्ट के आने के बाद जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान ने भी नगर के 12 नौलों में पानी की शुद्धता की जांच के लिए सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया है। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक किरीट कुमार ने बताया कि संस्थान ने 1996 में भी नगर के नौलों का सर्वेक्षण करके पानी की शुद्धता के बारे में भी रिपोर्ट जारी की थी।
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उन्होंने बताया कि उन्हीं में से 12 नौलों में पानी की शुद्धता और उसमें प्रदूषण की स्थिति को लेकर जांच की जाएगी। इसमें करीब एक साल का समय लगेगा। बता दें कि अल्मोड़ा को नौलों की नगरी भी कहा जाता है। एक समय में इस नगर में 300 से अधिक नौले थे, लेकिन इनमें से अधिकांश अब खत्म हो चुके हैं। वर्तमान में महज 52 नौले जीवित हैं। कोसी में बाढ़ आने और अन्य कारणों से पंपिंग बंद होने पर लोग इन्हीं नौलों से पानी लेते हैं।