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सालम के एक दर्जन गांवों में सड़क नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Tue, 13 Dec 2016 10:24 PM IST
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लमगड़ा विकासखंड के सालम पट्टी के करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें सड़क सुविधा से वंचित हैं। आज भी ग्रामीण पांच से लेकर 15 किमी तक पैदल चलकर सड़क तक पहुंचते हैं। तीन दशक से मांग करने के बावजूद सड़क के निर्माण को मंजूरी नहीं मिली है।
सालम के ध्यूली धौनी, रौतेला जाख, रणाऊं, भेटा, रावतखोला, अडौली, टकूरिया, चौपटिया, बसगांव, भाबू, कालाडुंगरा, बिराड़, बसाण समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में आजादी के बाद भी सड़क नहीं पहुंची है। क्षेत्रवासियों को सड़क तक जाने के लिए पांच से 15 किमी तक पैदल यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीण तीन दशक से इन गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, किंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सड़क के अभाव में कई लोग गांव छोड़कर शहरों में चले गए हैं। रणाऊं के प्रधान सुंदर सिंह बगड़वाल ने बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए विकासखंड मुख्यालय से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। कई बार गंभीर रोगी को डोली में अस्पताल लाया जाता है, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही वह दम तोड़ देता है। उन्होंने बताया कि नेताओं ने कई बार गांव को सड़क से जोड़ने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक सड़क मंजूर नहीं हुई है। सड़क का निर्माण शीघ्र नहीं होने पर लोगों ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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सालम के ध्यूली धौनी, रौतेला जाख, रणाऊं, भेटा, रावतखोला, अडौली, टकूरिया, चौपटिया, बसगांव, भाबू, कालाडुंगरा, बिराड़, बसाण समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में आजादी के बाद भी सड़क नहीं पहुंची है। क्षेत्रवासियों को सड़क तक जाने के लिए पांच से 15 किमी तक पैदल यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीण तीन दशक से इन गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, किंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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सड़क के अभाव में कई लोग गांव छोड़कर शहरों में चले गए हैं। रणाऊं के प्रधान सुंदर सिंह बगड़वाल ने बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए विकासखंड मुख्यालय से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। कई बार गंभीर रोगी को डोली में अस्पताल लाया जाता है, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही वह दम तोड़ देता है। उन्होंने बताया कि नेताओं ने कई बार गांव को सड़क से जोड़ने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक सड़क मंजूर नहीं हुई है। सड़क का निर्माण शीघ्र नहीं होने पर लोगों ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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