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टनकपुर सेवा नहीं चलने से रोडवेज को 11 दिन में हुआ 1.32 लाख का घाटा
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अल्मोड़ा। रोडवेज की टनकपुर बस सेवा का संचालन सोमवार को 11वें दिन भी ठप रहा। टनकपुर को जाने वाली इस बस से रोडवेज को प्रतिदिन 12 हजार रुपये की कमाई होती थी। 11 दिनों से टनकपुर बस सेवा के पहिए नहीं घूमने से रोडवेज को एक लाख 32 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। चालकों की कमी के कारण रोडवेज प्रबंधन टनकपुर रूट पर बस सेवा संचालित नहीं कर पा रहा है।
रोडवेज विभिन्न रूटों पर 23 बस सेवाओं का संचालन करता है। रोडवेज से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में कुछ चालक अवकाश पर हैं जबकि कुछ चालकों ने मेडिकल अवकाश ले रखा है। इससे डिपो में चालकों की भारी कमी हो गई है। चालक नहीं मिलने के कारण रोडवेज की बस सेवाएं आए दिन स्थगित होना आम बात हो गई है। चालकों की कमी के कारण रोडवेज की अल्मोड़ा-टकनपुर बस के पहिए पिछले 11 दिनों से थमे हैं। अल्मोड़ा रोडवेज स्टेशन से प्रतिदिन सुबह साढ़े छह बजे टनकपुर को बस संचालित होती है। दूसरे दिन सुबह आठ बजे टनकपुर से अल्मोड़ा को आती है। रोडवेज के अधिकारियों के मुताबिक टनकपुर को कभी 32 तो कभी 36 सीटर बस संचालित होती है। अल्मोड़ा से टनकपुर का किराया प्रति यात्री 335 रुपये है। इस बस से प्रतिदिन 12 हजार रुपये की कमाई होती है। 11 दिनों से बस नहीं चलने से रोडवेज को एक लाख 32 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
बसों के नियमित संचालन को रोडवेज को चाहिए 15 चालक
अल्मोड़ा। रोडवेज डिपो अल्मोड़ा में 21 नियमित, 34 संविदा, 20 विशेष श्रेणी समेत कुल 75 चालक तैनात हैं। डिपो विभिन्न रूटों पर 23 सेवाएं संचालित करता है। चालकों के अवकाश में चले जाने से बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। रोडवेज डिपो को कम से कम 15 चालकों की और जरूरत है। जिससे सभी सेवाओं का नियमित संचालन हो सके। उत्तराखंड बनने के बाद डिपो में चालकों की कमी दूर होने की उम्मीद की थी लेकिन हालात अब भी नहीं सुधरे हैं। इधर रोडवेज के प्रभारी स्टेशन इंचार्ज मोहन राम ने बताया कि डिपो में चालकों की कमी होने के कारण संचालन में दिक्कतें आ रही है। चालकों की कमी के बारे में निगम मुख्यालय देहरादून को अवगत करा दिया है।
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रोडवेज विभिन्न रूटों पर 23 बस सेवाओं का संचालन करता है। रोडवेज से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में कुछ चालक अवकाश पर हैं जबकि कुछ चालकों ने मेडिकल अवकाश ले रखा है। इससे डिपो में चालकों की भारी कमी हो गई है। चालक नहीं मिलने के कारण रोडवेज की बस सेवाएं आए दिन स्थगित होना आम बात हो गई है। चालकों की कमी के कारण रोडवेज की अल्मोड़ा-टकनपुर बस के पहिए पिछले 11 दिनों से थमे हैं। अल्मोड़ा रोडवेज स्टेशन से प्रतिदिन सुबह साढ़े छह बजे टनकपुर को बस संचालित होती है। दूसरे दिन सुबह आठ बजे टनकपुर से अल्मोड़ा को आती है। रोडवेज के अधिकारियों के मुताबिक टनकपुर को कभी 32 तो कभी 36 सीटर बस संचालित होती है। अल्मोड़ा से टनकपुर का किराया प्रति यात्री 335 रुपये है। इस बस से प्रतिदिन 12 हजार रुपये की कमाई होती है। 11 दिनों से बस नहीं चलने से रोडवेज को एक लाख 32 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
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बसों के नियमित संचालन को रोडवेज को चाहिए 15 चालक
अल्मोड़ा। रोडवेज डिपो अल्मोड़ा में 21 नियमित, 34 संविदा, 20 विशेष श्रेणी समेत कुल 75 चालक तैनात हैं। डिपो विभिन्न रूटों पर 23 सेवाएं संचालित करता है। चालकों के अवकाश में चले जाने से बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। रोडवेज डिपो को कम से कम 15 चालकों की और जरूरत है। जिससे सभी सेवाओं का नियमित संचालन हो सके। उत्तराखंड बनने के बाद डिपो में चालकों की कमी दूर होने की उम्मीद की थी लेकिन हालात अब भी नहीं सुधरे हैं। इधर रोडवेज के प्रभारी स्टेशन इंचार्ज मोहन राम ने बताया कि डिपो में चालकों की कमी होने के कारण संचालन में दिक्कतें आ रही है। चालकों की कमी के बारे में निगम मुख्यालय देहरादून को अवगत करा दिया है।
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