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तीन किमी सड़क बनाने को कम पड़ रहे तीन दशक

Thu, 03 Nov 2016 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
ब्यूरो/अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)। Updated Thu, 03 Nov 2016 11:14 PM IST
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Roads not Improved in Ranikhet
रानीखेत में नहीं सुधरी सड़क - फोटो : अमर उजाला

रानीखेत (अल्मोड़ा)। गांव-गांव को सड़क से जोड़ने के तमाम दावे हवाई साबित हो रहे हैं। उपमंडल क्षेत्र में कई स्थानों पर वर्षों पूर्व स्वीकृत सड़कें आज तक लटकी पड़ी हैं। इन्हीं में से एक मजखाली-बटुलिया तीन किमी मोटर मार्ग भी है। तीन दशक पूर्व स्वीकृत यह सड़क मात्र एक किमी बनकर लटकी हुई है। ग्रामीणों को 10 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। सब्जी उत्पादकों को उत्पादन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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तहसील के सुदूरवर्ती दलमोटी, भैंसोली, सुंदरखाल आदि गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 28 नवंबर 1983 को यूपी सरकार ने मजखाली-बटुलिया तीन किमी मोटर मार्ग को स्वीकृति दी। लोनिवि प्रांतीय खंड अल्मोड़ा ने सड़क कटान का काम शुरू किया। एक किमी सड़क बनने के बाद कार्य ठप कर दिया गया। तीन दशक बाद भी दो किमी मोटर मार्ग बनना शेष है।
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इसके लिए ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के दरवाजे खटखटा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कारखेत के आरटीआई कार्यकर्ता पीसी आर्य ने बताया कि सूचना के अधिकार में लोनिवि ने मोटर मार्ग से संबंधित नई स्वीकृति नहीं होने की बात कही है।
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मार्ग के अभाव में ग्रामीण आज भी 10 किमी की पैदल दूरी तय करने को मजबूर हैं। राशन सहित तमाम अन्य सामान लाने ले जाने में ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। बीमार को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं। सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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