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मिल्खा को फर्राटा उड़ते देख कई खिलाड़ियों ने दौड़ना शुरू किया
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गोपाल बिष्ट, क्रिकेट खिलाड़ी अल्मोड़ा
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। उड़न सिख के नाम से मशहूर महान एथलीट पद्मश्री मिल्खा सिंह के निधन की सूचना मिलते ही खेल जगत से जुड़े लोग स्तब्ध रह गए। पद्मश्री मिल्खा सिंह अल्मोड़ा के खिलाड़ियों और खेल जगत से जुड़े लोगों के प्रेरणा स्रोत थे। कई खिलाड़ियों ने मिल्खा सिंह से प्रेरणा लेकर दौड़ लगानी शुरू की तो किसी की तमन्ना उनके जैसे धावक बनने की थी।
अपने प्रिय एथलीट मिल्खा सिंह के निधन से खिलाड़ी में शोक छा गया। कोरोना के चलते खिलाड़ी सामूहिक श्रद्धांजलि नहीं दे सके। उन्होंने संचार माध्यम से महान एथलीट मिल्खा को श्रद्धांजलि दी। मिल्खा को देखकर गोपाल बिष्ट ने भी स्थानीय एचएनबी स्पोर्ट्स स्टेडियम में दौड़ लगानी शुरू कर दी।
सागर सिंह तो मिल्खा की तरह ही धावक बन कर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। सिद्धार्थ, भगवती आदि खिलाड़ी और खेल प्रशिक्षकों के लिए एथलीट मिल्खा सिंह प्रेरणा के पुंज हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि मिल्खा के नाम पर मैराथन होनी चाहिए।
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महान एथलीट पद्मश्री मिल्खा का यूं ही चला जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। पिछले चार सालों से स्थानीय स्टेडियम में अभ्यास कर रहा हूं। एथलीट मिल्खा को देखकर ही स्टेडियम में दौड़ना शुरू किया। वह खिलाड़ियों के प्रेरणा स्रोत थे और हमेशा ही रहेंगे।
- गोपाल बिष्ट, क्रिकेट खिलाड़ी अल्मोड़ा
मिल्खा सिंह खेल जगत के लिए प्रेरणा स्रोत और आदर्श हैं। हर खिलाड़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। खेल जगत में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनको देखकर मैने में उनसे काफी कुछ सीखा। हर खिलाड़ी उनके जैसा बनना चाहता है।
- सिद्धार्थ रावत, बैडमिंटन खिलाड़ी अल्मोड़ा
महान एथलीट पद्मश्री मिल्खा सिंह के नाम पर मैराथन होनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी खेल जगत में उनके योगदान के बारे में जान सके। वह खेल जगत के दिल की धड़कन थे। उनका यूं ही दुनिया को छोड़ चले जाना काफी दुखद है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।
- भगवती चौहान, फुटबाल खिलाड़ी अल्मोड़ा
पद्मश्री मिल्खा सिंह की भारत को ओलंपिक में मेडल जीतते देखने की इच्छा थी लेकिन उनके जीते जी यह पूरी नहीं हो पाई। हर खिलाड़ी को उनके इस सपने को साकार करने के प्रयास करने चाहिए। मिल्खा सिंह को देखकर काफी कुछ सीखा। वह हमेशा हमारे प्रेरणा स्रोत रहेंगे।
- सागर प्रसाद, धावक अल्मोड़ा
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अपने प्रिय एथलीट मिल्खा सिंह के निधन से खिलाड़ी में शोक छा गया। कोरोना के चलते खिलाड़ी सामूहिक श्रद्धांजलि नहीं दे सके। उन्होंने संचार माध्यम से महान एथलीट मिल्खा को श्रद्धांजलि दी। मिल्खा को देखकर गोपाल बिष्ट ने भी स्थानीय एचएनबी स्पोर्ट्स स्टेडियम में दौड़ लगानी शुरू कर दी।
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सागर सिंह तो मिल्खा की तरह ही धावक बन कर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। सिद्धार्थ, भगवती आदि खिलाड़ी और खेल प्रशिक्षकों के लिए एथलीट मिल्खा सिंह प्रेरणा के पुंज हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि मिल्खा के नाम पर मैराथन होनी चाहिए।
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महान एथलीट पद्मश्री मिल्खा का यूं ही चला जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। पिछले चार सालों से स्थानीय स्टेडियम में अभ्यास कर रहा हूं। एथलीट मिल्खा को देखकर ही स्टेडियम में दौड़ना शुरू किया। वह खिलाड़ियों के प्रेरणा स्रोत थे और हमेशा ही रहेंगे।
- गोपाल बिष्ट, क्रिकेट खिलाड़ी अल्मोड़ा
मिल्खा सिंह खेल जगत के लिए प्रेरणा स्रोत और आदर्श हैं। हर खिलाड़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। खेल जगत में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनको देखकर मैने में उनसे काफी कुछ सीखा। हर खिलाड़ी उनके जैसा बनना चाहता है।
- सिद्धार्थ रावत, बैडमिंटन खिलाड़ी अल्मोड़ा
महान एथलीट पद्मश्री मिल्खा सिंह के नाम पर मैराथन होनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी खेल जगत में उनके योगदान के बारे में जान सके। वह खेल जगत के दिल की धड़कन थे। उनका यूं ही दुनिया को छोड़ चले जाना काफी दुखद है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।
- भगवती चौहान, फुटबाल खिलाड़ी अल्मोड़ा
पद्मश्री मिल्खा सिंह की भारत को ओलंपिक में मेडल जीतते देखने की इच्छा थी लेकिन उनके जीते जी यह पूरी नहीं हो पाई। हर खिलाड़ी को उनके इस सपने को साकार करने के प्रयास करने चाहिए। मिल्खा सिंह को देखकर काफी कुछ सीखा। वह हमेशा हमारे प्रेरणा स्रोत रहेंगे।
- सागर प्रसाद, धावक अल्मोड़ा