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Almora News: मुख्यमंत्री तक पहुंची रानीखेत नगर पालिका की मांग
Wed, 22 Mar 2023 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 22 Mar 2023 11:35 PM IST
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देहरादून में सीएम से मिलता रानीखेत के आंदोनकारियों का शिष्टमंडल। संवाद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत छावनी स्थित नागरिक क्षेत्र को चिलियानौला नगर पालिका में शामिल करने की मांग के लिए प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। सीएम ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का आश्वासन दिया है।
विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल के सहमति पत्र और कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत के नेतृत्व में मंगलवार को मुख्यमंत्री धामी से मिले प्रतिनिधिमंडल मंडल ने सीएम को बताया कि आजादी के बाद 1955 से लोग रानीखेत को नगर पालिका बनाने की मांग कर रहे हैं। कैंट के जटिल कानूनों के चलते लोगों को भवन निर्माण और सुधारीकरण की अनुमति तक आसानी से नहीं मिल पाती है। छावनी क्षेत्र के लोग दोयम दर्ज का जीवन जीने को विवश हो रहे हैं।
बताया कि सिविल क्षेत्र को पालिका में शामिल करने के लिए ही वर्ष 2016 में चिलियानौला नगर पालिका का गठन हुआ था लेकिन आज तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। आंदोनकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले में सकारात्मक रुख दिखाया है। मिलने वालों में वरिष्ठ भाजपा नेता गिरीश भगत, कुमाऊं टैक्सी यूनियन महासंघ अध्यक्ष शंकर ठाकुर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दीप भगत, महामंत्री उमेश पंत आदि थे।
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उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पहुंचे धरने के समर्थन में
रानीखेत। छावनी बहिष्कार और नगर पालिका की मांग के लला यहां गांधी चौक पर संघर्ष समिति का धरना छठे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक छावनी से आजादी नहीं मिल जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रतिनिधिमंडल ने भी सीएम के साथ हुई वार्ता का ब्यौरा रखा। उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कैंट के जटिल कानूनों से नागरिकों को छुटकारा मिलना चाहिए। उपपा आंदोलनकारियों के साथ है। वहां हेमंत माहरा, संदीप गोयल, अखिल माहेश्वरी, किशन पपनै, किरन लाल साह, डीसी साह, खजान जोशी, दीपक गर्ग, कुंदन लाल, यतीश रौतेला, कैलाश पांडेय, नेहा माहरा, जगदीश अग्रवाल आदि थे।
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विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल के सहमति पत्र और कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत के नेतृत्व में मंगलवार को मुख्यमंत्री धामी से मिले प्रतिनिधिमंडल मंडल ने सीएम को बताया कि आजादी के बाद 1955 से लोग रानीखेत को नगर पालिका बनाने की मांग कर रहे हैं। कैंट के जटिल कानूनों के चलते लोगों को भवन निर्माण और सुधारीकरण की अनुमति तक आसानी से नहीं मिल पाती है। छावनी क्षेत्र के लोग दोयम दर्ज का जीवन जीने को विवश हो रहे हैं।
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बताया कि सिविल क्षेत्र को पालिका में शामिल करने के लिए ही वर्ष 2016 में चिलियानौला नगर पालिका का गठन हुआ था लेकिन आज तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। आंदोनकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले में सकारात्मक रुख दिखाया है। मिलने वालों में वरिष्ठ भाजपा नेता गिरीश भगत, कुमाऊं टैक्सी यूनियन महासंघ अध्यक्ष शंकर ठाकुर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दीप भगत, महामंत्री उमेश पंत आदि थे।
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उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पहुंचे धरने के समर्थन में
रानीखेत। छावनी बहिष्कार और नगर पालिका की मांग के लला यहां गांधी चौक पर संघर्ष समिति का धरना छठे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक छावनी से आजादी नहीं मिल जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रतिनिधिमंडल ने भी सीएम के साथ हुई वार्ता का ब्यौरा रखा। उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कैंट के जटिल कानूनों से नागरिकों को छुटकारा मिलना चाहिए। उपपा आंदोलनकारियों के साथ है। वहां हेमंत माहरा, संदीप गोयल, अखिल माहेश्वरी, किशन पपनै, किरन लाल साह, डीसी साह, खजान जोशी, दीपक गर्ग, कुंदन लाल, यतीश रौतेला, कैलाश पांडेय, नेहा माहरा, जगदीश अग्रवाल आदि थे।