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खेल दिवस पर उभरा स्टेडियम के अभाव का दर्द
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:43 PM IST
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रानीखेत में हाकी जादूगर मेजर ध्यान चंद्र को याद करते हाकी खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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खेल दिवस पर खिलाड़ियों में खेल मैदान के अभाव की पीड़ा उभर पड़ी। हर साल इस अवसर पर एनसीसी मैदान में हॉकी मैत्री मैच आयोजित होता है, लेकिन इस बार बारिश के कारण वहां मैच नहीं हो सका। खिलाड़ियों ने कहा कि खेल स्टेडियम होता तो युवाओं को यह दिन नहीं देखने पड़ते। खिलाड़ियों ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद्र को याद किया। खेल मैदान निर्माण के लिए संघर्ष करने का भी संकल्प जताया।
हॉकी के जादूगर स्व. मेजर ध्यान चंद्र को याद करते हुए खिलाड़ियों ने कहा कि 1936 में बर्लिन ओलंपिक खेलों में मेजर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने अमेरिका के खिलाफ 24 गोलों का रिकार्ड बनाया था, जिसे अब 2018 एशियाड खेलों में भारतीय टीम ने ही तोड़ डाला है।
हांगकांग के खिलाफ 26 गोल भारतीय टीम ने किए हैं। वरिष्ठ और जूनियर हॉकी खिलाड़ियों ने कहा कि रानीखेत में खेल मैदान का दर्द सालता रहता है। अल्मोड़ा में स्टेडियम हैं, वहां की प्रतिभाएं आगे बढ़ रहीं हैं, लेकिन रानीखेत में हॉकी के प्रशिक्षित कोच होने के बावजूद प्रशिक्षण के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा है।
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एकमात्र एनसीसी मैदान है वह पानी से लबालब है। इस दौरान हॉकी संघ के अध्यक्ष अगस्त लाल शाह, उपाध्यक्ष धीरेंद्र बिष्ट, एनआईएस दीपक मेहरा, मनोज मेहरा, धीरज वर्मा, हरीश कोरंगा, जयंत रौतेला, गोविंद सिंह बिष्ट, मनीष कन्नोज्जिया, अमान अहमद, दिव्य शाह, अनिल वर्मा, मुकेश शाह आदि मौजूद रहे।
जीजीआईसी में हुए विभिन्न खेल
खेल दिवस पर जीजीआईसी में हॉकी के जादूगर को याद किया गया। बालिकाओं से उनके जीवन से सीख लेने का आह्वान किया गया। प्रधानाचार्या नीलम नेगी की देखरेख में विभिन्न खेल भी आयोजित हुए।
100 मीटर दौड़ में भावना आर्या, दिव्या सांगा, अंजलि राज, तीन टांग दौड़ में दिव्या सांगा, खुशबू अधिकारी, खुशी मेहरा, महक आर्य, कोमल आर्य और प्राची बिष्ट, सीनियर वर्ग 100 मीटर में अनीशा, संजना, प्रीति रावत, तीन टांग सीनियर वर्ग में रवीना, संगीता, अनीशा अधिकारी, मनीषा और संजना बिष्ट अव्वल रहे। वालीबॉल में 12वीं कक्षा की बालिकाओं ने बाजी मारी।
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हॉकी के जादूगर स्व. मेजर ध्यान चंद्र को याद करते हुए खिलाड़ियों ने कहा कि 1936 में बर्लिन ओलंपिक खेलों में मेजर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने अमेरिका के खिलाफ 24 गोलों का रिकार्ड बनाया था, जिसे अब 2018 एशियाड खेलों में भारतीय टीम ने ही तोड़ डाला है।
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हांगकांग के खिलाफ 26 गोल भारतीय टीम ने किए हैं। वरिष्ठ और जूनियर हॉकी खिलाड़ियों ने कहा कि रानीखेत में खेल मैदान का दर्द सालता रहता है। अल्मोड़ा में स्टेडियम हैं, वहां की प्रतिभाएं आगे बढ़ रहीं हैं, लेकिन रानीखेत में हॉकी के प्रशिक्षित कोच होने के बावजूद प्रशिक्षण के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा है।
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एकमात्र एनसीसी मैदान है वह पानी से लबालब है। इस दौरान हॉकी संघ के अध्यक्ष अगस्त लाल शाह, उपाध्यक्ष धीरेंद्र बिष्ट, एनआईएस दीपक मेहरा, मनोज मेहरा, धीरज वर्मा, हरीश कोरंगा, जयंत रौतेला, गोविंद सिंह बिष्ट, मनीष कन्नोज्जिया, अमान अहमद, दिव्य शाह, अनिल वर्मा, मुकेश शाह आदि मौजूद रहे।
जीजीआईसी में हुए विभिन्न खेल
खेल दिवस पर जीजीआईसी में हॉकी के जादूगर को याद किया गया। बालिकाओं से उनके जीवन से सीख लेने का आह्वान किया गया। प्रधानाचार्या नीलम नेगी की देखरेख में विभिन्न खेल भी आयोजित हुए।
100 मीटर दौड़ में भावना आर्या, दिव्या सांगा, अंजलि राज, तीन टांग दौड़ में दिव्या सांगा, खुशबू अधिकारी, खुशी मेहरा, महक आर्य, कोमल आर्य और प्राची बिष्ट, सीनियर वर्ग 100 मीटर में अनीशा, संजना, प्रीति रावत, तीन टांग सीनियर वर्ग में रवीना, संगीता, अनीशा अधिकारी, मनीषा और संजना बिष्ट अव्वल रहे। वालीबॉल में 12वीं कक्षा की बालिकाओं ने बाजी मारी।