रामदत्त की चिता को मुखाग्नि दी रहमत के कुनबे ने
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बचपन से पारिवारिक सदस्य के तौर पर मुस्लिम परिवार के बीच रह रहे महाराष्ट्र निवासी रामदत्त (70) की शुक्रवार दोपहर मौत हो गई। सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश करते रहमत खान परिवार ने उनका हिंदू रीति रिवाज से विश्वनाथ घाट में अंतिम संस्कार कराया। मुखाग्नि भी रहमत खान परिवार ने ही दी।
एनटीडी निवासी रहमत खान के यहां महाराष्ट्र निवासी रामदत्त बचपन से पारिवारिक सदस्य के तौर पर रहते थे। पिछले डेढ़ साल से वह फेफड़े की बीमारी परेशान थे। रहमत खान ने उनका अल्मोड़ा और हल्द्वानी में भी इलाज कराया। शुक्रवार दोपहर उनकी मौत हो गई। इसके बाद रहमत के परिवार और आसपास के लोगों ने उनका स्थानीय विश्वनाथ घाट में हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कराया।
मुखाग्नि रहमत, गुड्डू खान और अयूब खान ने दी। रहमत खान ने बताया कि बचपन में रामदत्त के माता और भाई की एक हादसे में मौत हो गई थी। उस समय उनके पिता मोहम्मद खान रामदत्त को अपने साथ ले आए थे। तब से रामदत्त पारिवारिक सदस्य की तरह रह रहे थे। वह खुद रामदत्त को बड़े भाई के तौर पर सम्मान देते थे। सामाजिक सौहार्द की यह मिसाल नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। अंतिम संस्कार में अमान खान, सनावर खान, सरफराज खान, यूसुफ तिवारी, सौरभ वर्मा, दीपक नेगी, विनोद बाराकोटी आदि भी शामिल हुए।