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Almora News: बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रजाई-कंबल निकले
Tue, 02 May 2023 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 02 May 2023 11:16 PM IST
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सोमेश्वर में ठंड से बचने के लिये अलाव का सहारा लेते लोग। संवाद
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अल्मोड़ा। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले 24 घंटे में अल्मोड़ा में 26.6 मिमी बारिश हुई। बारिश से तापमान काफी गिर गया है और अल्मोड़ा में मई के महीने में एक बार फिर रजाई, कंबर और जैकेट निकल गए हैं। नगर के बाजार भी शाम को जल्दी बंद हो जा रहे हैं।
मंगलवार की सुबह मौसम ने फिर करवट बदली। सुबह आसमान में बादल छाए रहे। जिले के अधिकतर इलाकों में झमाझम बारिश हुई जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दोपहर बाद रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी था। बारिश से तापमान भी काफी लुढ़क गया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।
तापमान में गिरावट आने से ठंड काफी बढ़ गई है। कई लोग रजाई में दुबके रहे। घरों में लोगों ने हीटर, अलाव आदि का सहारा लिया। बारिश से गेहूं आदि की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे किसान मायूस हैं। वहीं बारिश और ठंड के कारण बाजार में भी ग्राहकों की आवाजाही कम रही। शाम को व्यापारिक प्रतिष्ठान भी अन्य दिनों की अपेक्षा जल्द बंद हो गए थे।
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द्वाराहाट में सबसे अधिक, चौखुटिया, मासी में सबसे कम हुई बारिश
अल्मोड़ा। आपदा प्रबंधन के अनुसार पिछले 24 घंटे में द्वाराहाट में सबसे अधिक 37 मिमी बारिश और चौखुटिया व मासी में सबसे कम 9-9 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा रानीखेत में 13, सोमेश्वर में 14.4, जागेश्वर में 21, ताकुला में 21, शीतलाखेत में 22, भैंसियाछाना में 17 और सल्ट में 25 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई।
इनसेट
बस स्टेशनों में भी कम रही रौनक
अल्मोड़ा। बारिश से बस स्टेशन और टैक्सी स्टैंड में भी चहल-पहल कम रही। सामान्य दिनों की अपेक्षा यात्रियों की आवाजाही कम रही। बारिश के चलते लोग जरूरी होने पर ही यात्रा कर रहे हैं।
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बारिश के कारण रानीखेत में फिर बढ़ी ठंड
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। सुबह आसमान में बादल छाए थे। इसके बाद दोपहर में बूंदाबांदी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चे छाता लेकर किसी तरह विद्यालय पहुंचे। इधर बारिश के चलते क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग एक बार फिर से गर्म कपड़े पहनने लगे हैं। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। संवाद
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चौखुटिया में बारिश से बेहाल किसान
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। लगातार तीन दिन से मौसम के बिगड़ते मिजाज के साथ बारिश ने गेवाड़ घाटी के लघु काश्तकारों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कटी हुई गेहूं फसल बर्बाद होने लगी है जिसके चलते काश्तकारों के आगे अनाज सहित मवेशियों के लिए चारे की समस्या का संकट पैदा हो सकता है। तल्ला गेवाड के कुछ कृषकों ने कृषि अधिकारी व सीएम को भेजे ज्ञापन में मुआवजे की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में कृपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, देवीदत्त शर्मा, किशन सिंह, रमेश चंद्र जोशी, तारा देवी, प्रेम राम आदि शामिल हैं। संवाद
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ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, निचले इलाकों में तेज बारिश
मई के महीने में 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचा तापमान, टीशर्ट पहनने के दिनों में स्वेटर और जैकेट पहन कर लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। जिले में बारिश का दौर तीसरे दिन भी जारी रहा। हिमालय की तलहटी पर बसे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। जिला मुख्यालय समेत अन्य स्थानों में पूरे दिन बारिश होती रही। लगातार मेघ बरसने से जिले का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। जिस मौसम में टीशर्ट पहनते थे उस मौसम में लोग ठंड से बचाव के लिए स्वेटर और जैकेट पहनने को मजबूर हैं।
जिले में रविवार की शाम से लगातार बारिश हो रही है। सोमवार पूरे दिन और रात बारिश होती रही। मंगलवार की सुबह से भी दिन भर बारिश का दौर चलता रहा, जबकि कपकोट के द्वाली, फुरकिया, खाती, वाछम गांवों की चोटियों पर हिमपात हुआ। बेमौसम बारिश के कारण लोगों की दुश्वारियां बढ़ रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य करने वाले किसान और पशुपालकों के रोजमर्रा के कामकाज भी बारिश से प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के दिनों में हो रही बारिश ने लोगों को ठंड की याद दिला दी है। अमूमन मई में जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहता था लेकिन बारिश के कारण तापमान काफी गिर गया है। जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इनसेट
कहां कितनी बारिश बागेश्वर विकासखंड में 12 मिमी, गरुड़ में 13 मिमी और कपकोट विकासखंड में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इनसेट
फसल को हुए नुकसान की जल्द दें जानकारी : बंगारी
बागेश्वर। बारिश के कारण गेहूं की फसल को अधिक नुकसान हो रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी गीतांजलि बंगारी ने बताया कि किसानों को नुकसान से बचाने के लिए फसल बीमा कराया जाता है। उन्होंने किसानों से खेतों में खड़ी फसल या काटने के बाद जमा की गई फसल को हुए नुकसान की जानकारी जल्द राजस्व उपनिरीक्षक, बीमा कंपनी या विभाग को देने को कहा ताकि फसल बीमाधारकों के नुकसान की भरपाई करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
इनसेट
ट्रैकरों के दो दल कपकोट में कर रहे भ्रमण
बागेश्वर। जिले के कपकोट क्षेत्र में नोल्स कंपनी रानीखेत के प्रशिक्षणार्थियों के दो दल हैं। रेंजर शंकर दत्त पांडेय ने बताया कि दल गांवों की संस्कृति को समझने के लिए बदियाकोट से खाती, झूनी होते हुए गोगिना के लिए रवाना होंगे। दोनों दलों में 25 विदेशी नागरिक हैं जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन और नीदरलैंड के ट्रैकर हैं। फिलहाल ग्लेशियर में कोई ट्रैकर मौजूद नहीं हैं।
कोट
जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाके में बारिश जारी है। कपकोट के भ्रमण पर आए ट्रैकरों के दल सुरक्षित हैं। फिलहाल किसी सड़क के बंद होने की सूचना नहीं है। मौसम विभाग की चेेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। - अनुराधा पाल, डीएम बागेश्वर।
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कौसानी, बैजनाथ और ग्वालदम में दो दिन हो रही झमाझम बारिश
गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र में दो दिन से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय नदियों और गधेरों का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश से ठंड काफी बढ़ गई है। हालांकि बारिश से मोटर मार्ग बाधित नहीं हुए है। बारिश के मद्देनजर सिंचाई विभाग ने बैजनाथ बैराज का एक गेट खोल दिया है। उधर ग्वालदम और कौसानी में ठंड काफी बढ़ गई है। बारिश से खेतों में खड़ी फसल को क्षति पहुंची है। बारिश के चलते काश्तकार खेतों में पकी गेहूं की फसल को नहीं काट पा रहे हैं। इधर बारिश के कारण एकाएक छातों की बिक्री काफी बढ़ गई है। संवाद
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मंगलवार की सुबह मौसम ने फिर करवट बदली। सुबह आसमान में बादल छाए रहे। जिले के अधिकतर इलाकों में झमाझम बारिश हुई जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दोपहर बाद रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी था। बारिश से तापमान भी काफी लुढ़क गया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।
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तापमान में गिरावट आने से ठंड काफी बढ़ गई है। कई लोग रजाई में दुबके रहे। घरों में लोगों ने हीटर, अलाव आदि का सहारा लिया। बारिश से गेहूं आदि की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे किसान मायूस हैं। वहीं बारिश और ठंड के कारण बाजार में भी ग्राहकों की आवाजाही कम रही। शाम को व्यापारिक प्रतिष्ठान भी अन्य दिनों की अपेक्षा जल्द बंद हो गए थे।
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द्वाराहाट में सबसे अधिक, चौखुटिया, मासी में सबसे कम हुई बारिश
अल्मोड़ा। आपदा प्रबंधन के अनुसार पिछले 24 घंटे में द्वाराहाट में सबसे अधिक 37 मिमी बारिश और चौखुटिया व मासी में सबसे कम 9-9 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा रानीखेत में 13, सोमेश्वर में 14.4, जागेश्वर में 21, ताकुला में 21, शीतलाखेत में 22, भैंसियाछाना में 17 और सल्ट में 25 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई।
इनसेट
बस स्टेशनों में भी कम रही रौनक
अल्मोड़ा। बारिश से बस स्टेशन और टैक्सी स्टैंड में भी चहल-पहल कम रही। सामान्य दिनों की अपेक्षा यात्रियों की आवाजाही कम रही। बारिश के चलते लोग जरूरी होने पर ही यात्रा कर रहे हैं।
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बारिश के कारण रानीखेत में फिर बढ़ी ठंड
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। सुबह आसमान में बादल छाए थे। इसके बाद दोपहर में बूंदाबांदी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चे छाता लेकर किसी तरह विद्यालय पहुंचे। इधर बारिश के चलते क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग एक बार फिर से गर्म कपड़े पहनने लगे हैं। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। संवाद
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चौखुटिया में बारिश से बेहाल किसान
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। लगातार तीन दिन से मौसम के बिगड़ते मिजाज के साथ बारिश ने गेवाड़ घाटी के लघु काश्तकारों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कटी हुई गेहूं फसल बर्बाद होने लगी है जिसके चलते काश्तकारों के आगे अनाज सहित मवेशियों के लिए चारे की समस्या का संकट पैदा हो सकता है। तल्ला गेवाड के कुछ कृषकों ने कृषि अधिकारी व सीएम को भेजे ज्ञापन में मुआवजे की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में कृपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, देवीदत्त शर्मा, किशन सिंह, रमेश चंद्र जोशी, तारा देवी, प्रेम राम आदि शामिल हैं। संवाद
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ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, निचले इलाकों में तेज बारिश
मई के महीने में 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचा तापमान, टीशर्ट पहनने के दिनों में स्वेटर और जैकेट पहन कर लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। जिले में बारिश का दौर तीसरे दिन भी जारी रहा। हिमालय की तलहटी पर बसे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। जिला मुख्यालय समेत अन्य स्थानों में पूरे दिन बारिश होती रही। लगातार मेघ बरसने से जिले का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। जिस मौसम में टीशर्ट पहनते थे उस मौसम में लोग ठंड से बचाव के लिए स्वेटर और जैकेट पहनने को मजबूर हैं।
जिले में रविवार की शाम से लगातार बारिश हो रही है। सोमवार पूरे दिन और रात बारिश होती रही। मंगलवार की सुबह से भी दिन भर बारिश का दौर चलता रहा, जबकि कपकोट के द्वाली, फुरकिया, खाती, वाछम गांवों की चोटियों पर हिमपात हुआ। बेमौसम बारिश के कारण लोगों की दुश्वारियां बढ़ रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य करने वाले किसान और पशुपालकों के रोजमर्रा के कामकाज भी बारिश से प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के दिनों में हो रही बारिश ने लोगों को ठंड की याद दिला दी है। अमूमन मई में जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहता था लेकिन बारिश के कारण तापमान काफी गिर गया है। जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इनसेट
कहां कितनी बारिश बागेश्वर विकासखंड में 12 मिमी, गरुड़ में 13 मिमी और कपकोट विकासखंड में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इनसेट
फसल को हुए नुकसान की जल्द दें जानकारी : बंगारी
बागेश्वर। बारिश के कारण गेहूं की फसल को अधिक नुकसान हो रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी गीतांजलि बंगारी ने बताया कि किसानों को नुकसान से बचाने के लिए फसल बीमा कराया जाता है। उन्होंने किसानों से खेतों में खड़ी फसल या काटने के बाद जमा की गई फसल को हुए नुकसान की जानकारी जल्द राजस्व उपनिरीक्षक, बीमा कंपनी या विभाग को देने को कहा ताकि फसल बीमाधारकों के नुकसान की भरपाई करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
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ट्रैकरों के दो दल कपकोट में कर रहे भ्रमण
बागेश्वर। जिले के कपकोट क्षेत्र में नोल्स कंपनी रानीखेत के प्रशिक्षणार्थियों के दो दल हैं। रेंजर शंकर दत्त पांडेय ने बताया कि दल गांवों की संस्कृति को समझने के लिए बदियाकोट से खाती, झूनी होते हुए गोगिना के लिए रवाना होंगे। दोनों दलों में 25 विदेशी नागरिक हैं जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन और नीदरलैंड के ट्रैकर हैं। फिलहाल ग्लेशियर में कोई ट्रैकर मौजूद नहीं हैं।
कोट
जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाके में बारिश जारी है। कपकोट के भ्रमण पर आए ट्रैकरों के दल सुरक्षित हैं। फिलहाल किसी सड़क के बंद होने की सूचना नहीं है। मौसम विभाग की चेेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। - अनुराधा पाल, डीएम बागेश्वर।
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कौसानी, बैजनाथ और ग्वालदम में दो दिन हो रही झमाझम बारिश
गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र में दो दिन से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय नदियों और गधेरों का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश से ठंड काफी बढ़ गई है। हालांकि बारिश से मोटर मार्ग बाधित नहीं हुए है। बारिश के मद्देनजर सिंचाई विभाग ने बैजनाथ बैराज का एक गेट खोल दिया है। उधर ग्वालदम और कौसानी में ठंड काफी बढ़ गई है। बारिश से खेतों में खड़ी फसल को क्षति पहुंची है। बारिश के चलते काश्तकार खेतों में पकी गेहूं की फसल को नहीं काट पा रहे हैं। इधर बारिश के कारण एकाएक छातों की बिक्री काफी बढ़ गई है। संवाद