{"_id":"5f4d35c58ebc3eaac749f5de","slug":"public-health-in-almora-almora-news-hld3952978187","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवती की मौत के मामले में अस्पताल में दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भवती की मौत के मामले में अस्पताल में दिया धरना
विज्ञापन
अल्मोड़ा। पिछले दिनों गर्भवती महिला की मौत के मामले में कार्रवाई न होने पर लोगों में भारी रोष है। सोमवार को युवा जनसंघर्ष मंच के लोग जिला अस्पताल में धरने पर बैठ गए। अस्पतालों की लापरवाही पर लोग जमकर बरसे। धरना, प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। मामले में शीघ्र कार्रवाई कर मृतका के परिजनों को मुआवजा देने समेत विभिन्न मांगें उठाई। मांग पूरी होने तक धरने पर डटे रहने की भी चेतावनी दी।
पूर्व छात्रसंघ कोषाध्यक्ष मनोज बिष्ट के नेतृत्व में धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि दस दिन पूर्व कोसी कटारमल निवासी गर्भवती आशा देवी को कोरोना जांच के नाम पर उपचार मिलने में देरी हुई। उसे एक से दूसरे अस्पताल में दौड़ाया गया। अस्पतालों की लापरवाही के चलते उसकी मौत हो गई। कहा कि अस्पतालों में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। गर्भवती होने के बावजूद भी उसकी देखरेख तो दूर डॉक्टरों ने हाथ तक नहीं लगाया। प्रदर्शनकारियों ने गर्भवती महिला के परिजनों को मुआवजा दिलाने, परिवार के किसी एक व्यक्ति को नौकरी दिलाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई बार अस्पताल से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। अस्पताल प्रशासन ने भी कई बार प्रदर्शनकारियों को समझाया, लेकिन वह धरने पर डटे रहे। इस दौरान कुछ आम जनता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। वहां पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, गिरीश गोस्वामी, भानू जोशी, राहुल बिष्ट, इंदिरा अधिकारी, रुचि बिष्ट, जिया मेहरा, विजय जोशी, ईशान, जाहिद, सादिक, मनोज कुमार, सुमित टम्टा, प्रेम टम्टा, रविंद्र, महिपाल प्रसाद, फैजान खान आदि रहे।
विज्ञापन
पूर्व छात्रसंघ कोषाध्यक्ष मनोज बिष्ट के नेतृत्व में धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि दस दिन पूर्व कोसी कटारमल निवासी गर्भवती आशा देवी को कोरोना जांच के नाम पर उपचार मिलने में देरी हुई। उसे एक से दूसरे अस्पताल में दौड़ाया गया। अस्पतालों की लापरवाही के चलते उसकी मौत हो गई। कहा कि अस्पतालों में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। गर्भवती होने के बावजूद भी उसकी देखरेख तो दूर डॉक्टरों ने हाथ तक नहीं लगाया। प्रदर्शनकारियों ने गर्भवती महिला के परिजनों को मुआवजा दिलाने, परिवार के किसी एक व्यक्ति को नौकरी दिलाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई बार अस्पताल से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। अस्पताल प्रशासन ने भी कई बार प्रदर्शनकारियों को समझाया, लेकिन वह धरने पर डटे रहे। इस दौरान कुछ आम जनता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। वहां पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, गिरीश गोस्वामी, भानू जोशी, राहुल बिष्ट, इंदिरा अधिकारी, रुचि बिष्ट, जिया मेहरा, विजय जोशी, ईशान, जाहिद, सादिक, मनोज कुमार, सुमित टम्टा, प्रेम टम्टा, रविंद्र, महिपाल प्रसाद, फैजान खान आदि रहे।
विज्ञापन