{"_id":"61d9cdb0f9c31c29697e0110","slug":"protest-by-roadways-staff-union-almora-news-hld45038737","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर अडिग, संचालन व्यवस्था चरमराई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर अडिग, संचालन व्यवस्था चरमराई
विज्ञापन
अल्मोड़ा रोडवेज वर्कशाप में प्रदर्शन करते रोडवेज संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारी।
- फोटो : ALMORA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा/रानीखेत। नियमितीकरण समेत कई मांगों के लिए उत्तराखंड रोडवेज संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारी शनिवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने रोडवेज कार्यशाला परिसर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार पर रोडवेज संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धरने के तीन दिन बाद भी सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली। संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। नियमित न होने पर समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। सभी संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिमाह 24000 रुपये वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों ने नियमित ड्यूटी की लेकिन अब सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में शाखाध्यक्ष पुष्कर आर्या, शाखा मंत्री रवींद्र भंडारी, दीपक परिहार, प्रकाश जोशी, ललित सिंह राणा, कमलेश पाटनी, मनोज जोशी, सुंदर कोरंगा, सुरेश गुरुरानी आदि शामिल रहे।
रानीखेत रोडवेज डिपो से भी लंबी रूटों पर बसों का संचालन ठप रहा। नियमित कर्मचारियों की संख्या कम होने से काम का दबाव संविदा कर्मचारियों पर है। उत्तराखंड रोडवेज संविदा और विशेष श्रेणी संगठन के बैनर तले चल रही हड़ताल के कारण बसें सुबह से कार्यशाला के बाहर खड़ी रहीं। डिपो में संविदा और विशेष श्रेणी के तहत काम करने वाले चालक-परिचालकों के हड़ताल पर रहने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज डिपो से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-देहरादून, गैरसैंण-बरेली, रामनगर-दिल्ली, गैरसैंण-दिल्ली, लखनऊ, हल्द्वानी-कर्णप्रयाग सेवा का संचालन नहीं हो सका। इस कारण रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन
हड़ताल से रोडवेज की 16 बसों के चक्के रहे जाम
अल्मोड़ा। उत्तराखंड रोडवेज संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शनिवार को रोडवेज की 16 बसों के चक्के जाम रहे। बसें न चलने से यात्री परेशान रहे। डिपो को भी आर्थिक नुकसान हुआ। मांगों के लिए रोडवेज के संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल से शनिवार को टनकपुर, दिल्ली (सुबह), लमगड़ा-दिल्ली, बेतालघाट-दिल्ली, लखनऊ, गुरुग्राम, अठपेसिया-दिल्ली समेत 16 सेवाओं का संचालन ठप रहा। चंडीगढ़, लखनऊ, गुरुग्राम आदि लंबी रूटों पर बसें न चलने के कारण इन रूटों पर जाने वाले यात्री परेशान रहे।
रोडवेज स्टेशन से मिली जानकारी के मुताबिक हड़ताल के कारण डिपो में चालकों की कमी होने की वजह से बसों के संचालन में दिक्कतें आ रहीं हैं। बसें न चलने से डिपो को करीब एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। रोडवेज डिपो की कनिष्ठ स्टेशन प्रभारी गीता पांडे ने बताया कि हड़ताल के कारण संचालन व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार पर रोडवेज संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धरने के तीन दिन बाद भी सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली। संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। नियमित न होने पर समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। सभी संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिमाह 24000 रुपये वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों ने नियमित ड्यूटी की लेकिन अब सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में शाखाध्यक्ष पुष्कर आर्या, शाखा मंत्री रवींद्र भंडारी, दीपक परिहार, प्रकाश जोशी, ललित सिंह राणा, कमलेश पाटनी, मनोज जोशी, सुंदर कोरंगा, सुरेश गुरुरानी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
रानीखेत रोडवेज डिपो से भी लंबी रूटों पर बसों का संचालन ठप रहा। नियमित कर्मचारियों की संख्या कम होने से काम का दबाव संविदा कर्मचारियों पर है। उत्तराखंड रोडवेज संविदा और विशेष श्रेणी संगठन के बैनर तले चल रही हड़ताल के कारण बसें सुबह से कार्यशाला के बाहर खड़ी रहीं। डिपो में संविदा और विशेष श्रेणी के तहत काम करने वाले चालक-परिचालकों के हड़ताल पर रहने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज डिपो से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-देहरादून, गैरसैंण-बरेली, रामनगर-दिल्ली, गैरसैंण-दिल्ली, लखनऊ, हल्द्वानी-कर्णप्रयाग सेवा का संचालन नहीं हो सका। इस कारण रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन
हड़ताल से रोडवेज की 16 बसों के चक्के रहे जाम
अल्मोड़ा। उत्तराखंड रोडवेज संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शनिवार को रोडवेज की 16 बसों के चक्के जाम रहे। बसें न चलने से यात्री परेशान रहे। डिपो को भी आर्थिक नुकसान हुआ। मांगों के लिए रोडवेज के संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल से शनिवार को टनकपुर, दिल्ली (सुबह), लमगड़ा-दिल्ली, बेतालघाट-दिल्ली, लखनऊ, गुरुग्राम, अठपेसिया-दिल्ली समेत 16 सेवाओं का संचालन ठप रहा। चंडीगढ़, लखनऊ, गुरुग्राम आदि लंबी रूटों पर बसें न चलने के कारण इन रूटों पर जाने वाले यात्री परेशान रहे।
रोडवेज स्टेशन से मिली जानकारी के मुताबिक हड़ताल के कारण डिपो में चालकों की कमी होने की वजह से बसों के संचालन में दिक्कतें आ रहीं हैं। बसें न चलने से डिपो को करीब एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। रोडवेज डिपो की कनिष्ठ स्टेशन प्रभारी गीता पांडे ने बताया कि हड़ताल के कारण संचालन व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।