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Almora News: आईएमपीसीएल के निजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी जारी रहा आंदोलन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:24 PM IST
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Protest against privatization of IMPCL continued for the second day.
मौलेखाल(अल्मोड़ा)। मोहान स्थित आईएमपीसीएल दवा फैक्टरी के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने फैक्टरी परिसर में धरना-प्रदर्शन कर निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध किया और फैक्टरी को बचाने की मांग उठाई। आंदोलन की वजह से मंगलवार को भी फैक्टरी का कार्य लगभग आधे दिन तक प्रभावित रहा।
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कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत ने कहा कि कर्मचारियों का उद्देश्य फैक्टरी के उत्पादन कार्य को पूरी तरह बाधित करना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि धरना-प्रदर्शन के साथ-साथ दवा निर्माण का कार्य भी लगातार चलता रहे ताकि आम जनता को आवश्यक औषधियों की आपूर्ति प्रभावित न हो।
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इस दौरान कर्मचारियों ने फैक्टरी की भूमि से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1970 के दशक में रामनगर वन प्रभाग द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड, कानपुर को औद्योगिक विकास एवं दवा फैक्टरी की स्थापना के लिए 46 एकड़ भूमि तीन हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से कुल 1.38 लाख रुपये में हस्तांतरित की गई थी। हस्तांतरण की शर्तों के अनुसार यदि निगम की भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं किया जाता है तो उक्त भूमि बिना किसी प्रतिकर के स्वतः वन विभाग को वापस हो जाएगी।
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कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि निजीकरण के खिलाफ उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा और फैक्ट्री के अस्तित्व एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार चलता रहेगा। धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य शंभू सिंह रावत तथा कूपी ग्रामसभा के ग्राम प्रधान अंकित रावत ने कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आईएमपीसीएल क्षेत्र की महत्वपूर्ण संस्था है और इसे बचाने के लिए कर्मचारियों की इस लड़ाई में वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।


इस दौरान बीएस अधिकारी, कुंदन सिंह, अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत, गंगा सिंह, मोहम्मद अब्दुल नईम, भाग्यश्री घले, काला अधिकारी, शांति प्रसाद सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
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