{"_id":"67821928c1a71dd5170cc86b","slug":"progress-in-women-empowerment-almora-news-c-232-1-ksp1005-122676-2025-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: शहतूत की खेती बनेगी महिलाओं की आर्थिकी का आधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: शहतूत की खेती बनेगी महिलाओं की आर्थिकी का आधार
Sat, 11 Jan 2025 04:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 11 Jan 2025 04:24 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। डीएम आलोक कुमार पांडेय ने महिला सशक्तिकरण के लिए विकासखंड हवालबाग के धामस में शहतूत की खेती शुरू कराई है। बृहस्पतिवार को यहां करीब दो लाख पौध लगाने का काम शुरू किया गया। रेशम विभाग बड़े पैमाने पर शीतकालीन शहतूत का पौधारोपण कर रहा है।
डीएम ने कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है। इससे महिलाओं की आजीविका को बढ़ाने के साथ साथ जल संवर्धन, मृदा संरक्षण, बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को अन्य रोजगार परक कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाए।
सहायक निदेशक रेशम संजय काला ने बताया कि इस क्लस्टर में 7500 शहतूत के पौधों का रोपण किया जाएगा जबकि पूरा लक्ष्य दो लाख पौध तैयार करने का है। यहां शहतूत की नर्सरी भी तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यहां तैयार नर्सरी से जनपद के अन्य किसानों को भी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
विज्ञापन
लोगों को शहतूत की खेती (रेशम पालन) से जोड़ा जाएगा। वहां पर सीडीओ दिवेश शाशनी, राजेश मठपाल आदि थे।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि यह बहुत अच्छी पहल है। इससे महिलाओं की आजीविका को बढ़ाने के साथ साथ जल संवर्धन, मृदा संरक्षण, बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को अन्य रोजगार परक कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाए।
विज्ञापन
सहायक निदेशक रेशम संजय काला ने बताया कि इस क्लस्टर में 7500 शहतूत के पौधों का रोपण किया जाएगा जबकि पूरा लक्ष्य दो लाख पौध तैयार करने का है। यहां शहतूत की नर्सरी भी तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यहां तैयार नर्सरी से जनपद के अन्य किसानों को भी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
विज्ञापन
लोगों को शहतूत की खेती (रेशम पालन) से जोड़ा जाएगा। वहां पर सीडीओ दिवेश शाशनी, राजेश मठपाल आदि थे।