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एक दशक बाद भी राप्रावि सलौनी के जीर्ण भवन की सुध नहीं
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इस हालत में हैं राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलौनी का भवन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के सरकारी दावे हवाई साबित हो रहे हैं। ताड़ीखेत ब्लॉक के सुदूरवर्ती राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलौनी का भवन अब जीर्ण-शीर्ण हो चुका है, कई कक्ष क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अध्ययनरत बच्चों को एक कक्ष में बैठाकर पढ़ाना भी संभव नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण पिछले एक दशक से भवन मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुध नहीं ली जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों ने अब इस मसले पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलौनी के भवन काफी पुराना है, देखरेख के अभाव में यह भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में है। ग्राम प्रधान नीतू चंद्रा ने बताया कि 2009 से जीर्ण भवन को सुधारने की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग ने आज तक इसकी सुध नहीं ली है। कई कक्ष क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 2015 में भी तत्कालीन प्रधानाध्यापक शंभू गिरि गोस्वामी ने जीर्ण भवन को सुधारने की मांग को लेकर उप शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन आज तक भवन की मरम्मत नहीं हुई। यहां 20 से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इस बीच बच्चों को एक ही कक्ष में बैठकाकर पढ़ाया जा रहा था, लेकिन अब वह कक्ष भी ध्वस्त होने की कगार पर है। बताया गया है कि गांव के पंचायत घर की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है, वहां भी बच्चों को नहीं बैठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सुध नहीं ली गई तो कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत राप्रावि सलौनी के भवन की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन धनराशि नहीं मिली, इस साल फिर से प्रस्ताव रखा जाएगा। स्थिति गंभीर होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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एसएस बिष्ट, खंड शिक्षा अधिकारी, ताड़ीखेत।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलौनी के भवन काफी पुराना है, देखरेख के अभाव में यह भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में है। ग्राम प्रधान नीतू चंद्रा ने बताया कि 2009 से जीर्ण भवन को सुधारने की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग ने आज तक इसकी सुध नहीं ली है। कई कक्ष क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 2015 में भी तत्कालीन प्रधानाध्यापक शंभू गिरि गोस्वामी ने जीर्ण भवन को सुधारने की मांग को लेकर उप शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन आज तक भवन की मरम्मत नहीं हुई। यहां 20 से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इस बीच बच्चों को एक ही कक्ष में बैठकाकर पढ़ाया जा रहा था, लेकिन अब वह कक्ष भी ध्वस्त होने की कगार पर है। बताया गया है कि गांव के पंचायत घर की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है, वहां भी बच्चों को नहीं बैठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सुध नहीं ली गई तो कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत राप्रावि सलौनी के भवन की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन धनराशि नहीं मिली, इस साल फिर से प्रस्ताव रखा जाएगा। स्थिति गंभीर होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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एसएस बिष्ट, खंड शिक्षा अधिकारी, ताड़ीखेत।