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राजकीय इंटर कॉलेज नाई में प्रवक्ताओं के पांच पद रिक्त
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राजकीय इंटर कॉलेज नाई
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। पर्वतीय क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों का टोटा बना हुआ है। ताकुला ब्लॉक के राइंका नाई में पांच प्रवक्ताओं के पांच पद रिक्त हैं। इस कारण स्कूल में विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं को हाईस्कूल के बाद दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ता है। इसके चलते उन्हें रोज 10 से 15 किमी दूर जाना पढ़ता है।
वर्तमान में इस स्कूल में प्रवक्ताओं के नौ पद स्वीकृत हैं। इसमें से सिर्फ चार पर ही शिक्षक तैनात हैं। इसके अतिरिक्त एलटी के भी दो पद खाली पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके बच्चों को विज्ञान वर्ग की पढ़ाई यहां पर नहीं मिल पा रही है। इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
140 छात्र-छात्राओं के लिए नहीं है पेयजल व्यवस्था
अल्मोड़ा। इस इंटर कॉलेज में 140 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए पेयजल की कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पीने के लिए घर से पानी लाना पड़ता है। सालों पुराने कंप्यूटर इस विद्यालय में शोपीस बनकर रह गए हैं। इनका छात्र-छात्राओं को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लैब आदि की भी स्कूल में कोई व्यवस्था नहीं है।
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इन विषयों के शिक्षक नहीं
अल्मोड़ा। राइंका में इस समय नागरिक शास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के पद यहां पर रिक्त चल रहे हैं। हाईस्कूल पास करने के बाद लड़कों को बाहर के स्कूलों में प्रवेश लेना पड़ रहा है और लड़कियों को मजबूरन कला विषय की पढ़ाई करनी पड़ रही है।
नाई इंटर कॉलेज में विज्ञान वर्ग के पद खाली होने के कारण छात्र तो अन्य स्कूलों में जाकर पढ़ाई कर लेते हैं, लेकिन कई मेधावी छात्राएं जिनकी आर्थिक स्थिति सही नहीं है उन्हें कला विषय में प्रवेश लेना पड़ता है।
अगर प्रवक्ताओं की तैनाती हो जाए तो बच्चों को सुविधा होगी। खाली पदों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर दी जाती है।
- अनिल कुमार कठेरिया, प्रधानाचार्य, राइंका नाई, अल्मोड़ा
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वर्तमान में इस स्कूल में प्रवक्ताओं के नौ पद स्वीकृत हैं। इसमें से सिर्फ चार पर ही शिक्षक तैनात हैं। इसके अतिरिक्त एलटी के भी दो पद खाली पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके बच्चों को विज्ञान वर्ग की पढ़ाई यहां पर नहीं मिल पा रही है। इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
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140 छात्र-छात्राओं के लिए नहीं है पेयजल व्यवस्था
अल्मोड़ा। इस इंटर कॉलेज में 140 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए पेयजल की कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पीने के लिए घर से पानी लाना पड़ता है। सालों पुराने कंप्यूटर इस विद्यालय में शोपीस बनकर रह गए हैं। इनका छात्र-छात्राओं को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लैब आदि की भी स्कूल में कोई व्यवस्था नहीं है।
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इन विषयों के शिक्षक नहीं
अल्मोड़ा। राइंका में इस समय नागरिक शास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के पद यहां पर रिक्त चल रहे हैं। हाईस्कूल पास करने के बाद लड़कों को बाहर के स्कूलों में प्रवेश लेना पड़ रहा है और लड़कियों को मजबूरन कला विषय की पढ़ाई करनी पड़ रही है।
नाई इंटर कॉलेज में विज्ञान वर्ग के पद खाली होने के कारण छात्र तो अन्य स्कूलों में जाकर पढ़ाई कर लेते हैं, लेकिन कई मेधावी छात्राएं जिनकी आर्थिक स्थिति सही नहीं है उन्हें कला विषय में प्रवेश लेना पड़ता है।
अगर प्रवक्ताओं की तैनाती हो जाए तो बच्चों को सुविधा होगी। खाली पदों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर दी जाती है।
- अनिल कुमार कठेरिया, प्रधानाचार्य, राइंका नाई, अल्मोड़ा