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Almora News: दसवीं शताब्दी के शिव मंदिर का स्वरूप लौटाएगा पुरातत्व विभाग
Sun, 18 Feb 2024 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 18 Feb 2024 12:27 AM IST
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अल्मोड़ा। बग्वालीपोखर के सकुनी गांव स्थित 10वीं शताब्दी के ऐतिहासिक सुखेश्वर महादेव मंदिर को सहेजने की कवायद शुरू हुई है। पुरातत्व विभाग यहां तीन छोटे मंदिरों को वास्तविक शैली में लौटाएगा। विभाग ने इसके लिए 70 लाख का प्रस्ताव भेजा है। मंदिर में अन्य सौंदर्यीकरण कार्य भी किए जाएंगे।
जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर द्वाराहाट विकासखंड के गांव सकुनी गांव में 10वीं के कत्यूरी शासनकाल का तीन समूहों का शुकेश्वर महादेव के मंदिर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कभी सुखदेव ऋषि की तपस्या स्थली रहा यह ऐतिहासिक मंदिर अनदेखी के चलते बदहाल हो गया है। मंदिर में कई स्थानों पर दरारें और गई हैं। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ङॉ. चंद्र सिंह चौहान ने कहा कि इस ऐतिहासिक मंदिर समूह को वास्तविक स्वरूप में लौटाया जाएगा। मंदिर में चतुर्भुजी गणेश, शिवशक्ति, पाषाण मुखी नंदी, शिव, भैरव आदि देवताओं की पत्थरों की दुर्लभ मूर्तियां स्थापित हैं।
मंडप का भी होगा निर्माण
अल्मोड़ा। सुखेश्वर में मंडप का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालुओं को भजन-कीर्तन के लिए पर्याप्त स्थान मिल सकेगा। मंडप बनने से मंदिर में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर इन्हें सफल बनाना आसान होगा। संवाद
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जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर द्वाराहाट विकासखंड के गांव सकुनी गांव में 10वीं के कत्यूरी शासनकाल का तीन समूहों का शुकेश्वर महादेव के मंदिर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कभी सुखदेव ऋषि की तपस्या स्थली रहा यह ऐतिहासिक मंदिर अनदेखी के चलते बदहाल हो गया है। मंदिर में कई स्थानों पर दरारें और गई हैं। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ङॉ. चंद्र सिंह चौहान ने कहा कि इस ऐतिहासिक मंदिर समूह को वास्तविक स्वरूप में लौटाया जाएगा। मंदिर में चतुर्भुजी गणेश, शिवशक्ति, पाषाण मुखी नंदी, शिव, भैरव आदि देवताओं की पत्थरों की दुर्लभ मूर्तियां स्थापित हैं।
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मंडप का भी होगा निर्माण
अल्मोड़ा। सुखेश्वर में मंडप का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालुओं को भजन-कीर्तन के लिए पर्याप्त स्थान मिल सकेगा। मंडप बनने से मंदिर में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर इन्हें सफल बनाना आसान होगा। संवाद
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