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आबादी तक पहुंचने लगी जंगल की आग
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 26 Apr 2016 10:30 PM IST
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आग बुझाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले के कई जंगल आग की चपेट में आ गए हैं। आग अब आबादी क्षेत्रों के पास तक पहुंचने लगी है।
सोमेश्वर तहसील के क्वैराली, लखनाड़ी, भानाराठ, भटकोट, जयंती, विधूना, बैगनियां, अधूरिया के जंगलों में आग लगी हुई है। जंगलों में आग लगने से पूरे क्षेत्र में धुएं की धुंध छायी हुई है। गत दिवस बैगनियां वन पंचायत के जंगल से आग तहसील परिसर के पास तक पहुंच गई थी। तहसील कर्मियों ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इधर, मंगलवार को सुबह भानाराठ ग्राम पंचायत के जंगल में भी आग फैल गई। आग विधूना तोक में आबादी क्षेत्र के पास तक पहुंच गई। सुबह से ही ग्रामीण आग बुझाने में लगे हैं। अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भी धुएं की धुंध छायी हुई है। इधर, वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार लोहनी ने बताया कि वन कर्मी आग बुझाने में लगे हैं। काफी बड़े क्षेत्र में आग लगी हुई है बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आग लगने के बाद से ही सुबह से ही विधूना के ग्रामीण आग बुझाने में लगे रहे। अधिकांश जगहों पर आग लगने पर वन कर्मी मौके पर समय पर नहीं पहुंचते हैं। आग लगने से प्राकृतिक जल स्रोत भी सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं।
- पुष्पा बोरा, ग्राम प्रधान भानाराठ।
हर साल जंगलों में आग लगती है, लेकिन सरकारी स्तर पर जंगलों को आग से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं। चारों ओर धुएं की धुंध छाई हुई है। पर्यावरण प्रदूषित होने से बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है।
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- मनोज बोरा।
सरकार को जंगलों को आग से बचाने के लिए कारगर कदम उठाने चाहिए। पर्वतीय क्षेत्र में लोग घरों के आसपास लकड़ी, सूखी घास और पिरुल के ढेर रखे रहते हैं। इससे खतरा और बढ़ जाता है।
- रमेश बोरा।
सोमेश्वर तहसील के क्वैराली, लखनाड़ी, भानाराठ, भटकोट, जयंती, विधूना, बैगनियां, अधूरिया के जंगलों में आग लगी हुई है। जंगलों में आग लगने से पूरे क्षेत्र में धुएं की धुंध छायी हुई है। गत दिवस बैगनियां वन पंचायत के जंगल से आग तहसील परिसर के पास तक पहुंच गई थी। तहसील कर्मियों ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इधर, मंगलवार को सुबह भानाराठ ग्राम पंचायत के जंगल में भी आग फैल गई। आग विधूना तोक में आबादी क्षेत्र के पास तक पहुंच गई। सुबह से ही ग्रामीण आग बुझाने में लगे हैं। अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भी धुएं की धुंध छायी हुई है। इधर, वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार लोहनी ने बताया कि वन कर्मी आग बुझाने में लगे हैं। काफी बड़े क्षेत्र में आग लगी हुई है बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आग लगने के बाद से ही सुबह से ही विधूना के ग्रामीण आग बुझाने में लगे रहे। अधिकांश जगहों पर आग लगने पर वन कर्मी मौके पर समय पर नहीं पहुंचते हैं। आग लगने से प्राकृतिक जल स्रोत भी सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं।
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- पुष्पा बोरा, ग्राम प्रधान भानाराठ।
हर साल जंगलों में आग लगती है, लेकिन सरकारी स्तर पर जंगलों को आग से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं। चारों ओर धुएं की धुंध छाई हुई है। पर्यावरण प्रदूषित होने से बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है।
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- मनोज बोरा।
सरकार को जंगलों को आग से बचाने के लिए कारगर कदम उठाने चाहिए। पर्वतीय क्षेत्र में लोग घरों के आसपास लकड़ी, सूखी घास और पिरुल के ढेर रखे रहते हैं। इससे खतरा और बढ़ जाता है।
- रमेश बोरा।