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पाक्सो में झूठी रिपोर्ट पर एक साल का कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 02 Nov 2016 10:56 PM IST
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विशेष सत्र न्यायाधीश ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पाक्सो अधिनियम में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर लड़की के पिता को एक साल कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना जबकि विवेचनाधिकारी को दो माह का कारावास के साथ 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
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चार अगस्त 2016 को भनोली तहसील के डुंगरा गांव निवासी हयात सिंह ने राजस्व पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी 12 साल की बेटी के साथ गोधन सिंह ने छेड़छाड़ कर बलात्कार का प्रयास किया। इस पर गोधन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में वह जमानत पर रिहा हुआ था। विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत में लड़की के बयानों के बाद छेड़छाड़ की बात गलत निकली तो विशेष सत्र न्यायाधीश ने अपने फैसले में कथित आरोपी गोधन को दोषमुक्त घोषित कर दिया। उसके बाद उन्होंने वादी हयात सिंह और विवेचनाधिकारी चंदन सिंह मेहरा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर स्पष्टीकरण देने को कहा।
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दोनों का पक्ष सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने हयात सिंह को झूठी रिपोर्ट लिखाने पर एक साल का कारावास और विवेचनाधिकारी चंदन सिंह को दो माह का कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष सत्र न्यायाधीश ने अपने फैसले में पाक्सो अधिनियम के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि पाक्सो अधिनियम के दुरुपयोग के मामले में समाज को भी संवेदनशील होने की जरूरत है।
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