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पॉक्सो का मामला गलत साबित हुआ, आरोपी बरी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 26 Oct 2016 10:48 PM IST
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करीब तीन माह पहले भनोली तहसील के अंतर्गत एक गांव में 12 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार के प्रयास के मामले की पुष्टि नहीं होने पर विशेष सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत दर्ज वाद में बरी करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने वाले बालिका के पिता और विवेचनाधिकारी को नोटिस जारी कर दिया है। सत्र न्यायाधीश ने पॉक्सो अधिनियम के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले पांच माह में इस अधिनियम के दुरुपयोग का यह चौथा मामला है।
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घटनाक्रम के मुताबिक चार अगस्त 2016 को भनोली तहसील के अंतर्गत डुंगरा गांव निवासी हयात सिंह ने राजस्व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करके आरोप लगाया था कि उसकी 12 साल की बेटी जब गौशाला से लौट रही थी तो कथित आरोपी गोधन सिंह ने उसके साथ छेड़ाखानी की और बलात्कार करने का प्रयास किया। इस मामले में लड़की के बयानों के बाद गोधन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में वह जमानत पर रिहा हुआ। मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत में हुई। अदालत में लड़की के बयानों के बाद छेड़ाखानी की बात गलत निकली। विशेष सत्र न्यायाधीश ने डा. शर्मा ने कथित आरोपी गोधन सिंह को दोषमुक्त घोषित कर दिया। उन्होंने वादी हयात सिंह और विवेचनाधिकारी चंदन सिंह मेहरा को नोटिस जारी करते हुए व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है कि क्यों न पाक्सो अधिनियम की धारा 22 की उप धारा तीन के अंतर्गत उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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साथ ही विशेष सत्र न्यायाधीश ने पाक्सो अधिनियम के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले पांच माह में इस अधिनियम के दुरुपयोग का यह चौथा मामला है। उन्होंने कहा कि इनमें से किसी भी वाद में अधिनियम का दुरुपयोग बच्ची अथवा महिला ने नहीं किया बल्कि महिलाओं और बच्चों के हित में बने इस कानून का दुरुपयोग पितृ सत्तात्मक सोच वाले पुरुष ही करते हैं।
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