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माओवादी गतिविधियों में लिप्त लोगों का नहीं चला पता
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 10 Jun 2017 10:53 PM IST
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बीते चार माह के भीतर जिले के करीब एक दर्जन स्थानों पर हुई माओवादी घटनाओं का आज तक पर्दाफाश नहीं हो सका है। पिछले दिनों डीएम सविन बंसल और एसएसपी रेणुका देवी ने रेगुलर और राजस्व पुलिस की संयुक्त बैठक करके अधिकारियों को माओवादियों का पता लगाने के निर्देश दिए थे। यही नहीं कई सालों से वांछित दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 60-60 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के बावजूद कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
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बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद से करीब चार माह के भीतर सोमेश्वर, मनान, बिंता, बगवालीपोखर, भगतोला, दाड़िमखोला, पेटशाल, धौलछीना, चौखुटिया, द्वाराहाट आदि स्थानों पर माओवादी पोस्टर लगा चुके हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन पोस्टर लगाने वालों का पता लगाने में पूरी तरह विफल रहा है। अलग-अलग स्थानों पर पोस्टर लगने के बावजूद सभी पोस्टरों में लिखाई लगभग समान ही है। दीवार लेखन का स्टाइल भी एक जैसा ही है। इधर, लोगों का कहना है कि यदि माओवादी गतिविधियों में शामिल लोग जल्द पकड़ में नहीं आए तो भविष्य में इनकी सक्रियता और भी बढ़ सकती है।
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माओवादी घटनाओं के बढ़ने के बाद बीते दिनों शासन ने हाल ही में कई सालों से वांछित सोमेश्वर निवासी खीम सिंह बोरा और पेटशाल निवासी देवेंद्र चम्याल के बारे में सूचना देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। बाद में एसएसपी रेणुका देवी ने अपनी ओर से भी इनाम की राशि में 10-10 हजार रुपये इजाफा करने की घोषणा की। इसके बावजूद इन दोनों के बारे में भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। इधर, एसएसपी पी रेणुका देवी का कहना है कि पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।
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