{"_id":"66a9468eb35f917c7c05ddd6","slug":"people-face-the-problems-almora-news-c-232-1-shld1002-115193-2024-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: दो महीने से लमगड़ा नहीं पहुंची रोडवेज बस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: दो महीने से लमगड़ा नहीं पहुंची रोडवेज बस
Wed, 31 Jul 2024 01:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 31 Jul 2024 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। जिले के लोगों को रोडवेज सेवा का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। लमगड़ा में दो महीने से बस नहीं पहुंची है। इससे 20 हजार की आबादी परेशान है। बस पकड़ने के लिए क्षेत्र के लोगों को टैक्सी में ऊंचा किराया चुकाकर हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
बीते 15 सालों से जिला मुख्यालय से लमगड़ा-दिल्ली रूट पर रोडवेज बस का संचालन होता था। दो महीने पहले निगम से इस रूट पर बस का संचालन करने से हाथ पीछे खींच लिए। रूट पर संचालित एकमात्र बस का संचालन रोकने से क्षेत्र के लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। पौधार, पलना, लमगड़ा, छड़ौजा, गौजानी सहित अन्य हिस्सों के लोगों को दिल्ली सहित अन्य मैदानी क्षेत्रों को आवाजाही करने के लिए टैक्सी में 250 से 350 रुपये किराया चुकाकर हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसके बाद उन्हें बस मिल रही है। लमगड़ा के एमएस बिष्ट, लक्ष्मण सिंह, कैलाश सिंह, रोहित कुमार सहित अन्य लोगों ने कहा कि निगम को नए रूटों पर बसों का संचालन कर पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को राहत पहुंचाने के प्रयास करने चाहिए। पुराने रूटों पर भी बसों का संचालन बंद कर दिया जा रहा है। संवाद
लमगड़ा रूट पर फिर से बस संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। चालकों की कमी से कई रूटों पर बसों का संचालन रोकना पड़ा है।
विजय तिवारी, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।
विज्ञापन
बीते 15 सालों से जिला मुख्यालय से लमगड़ा-दिल्ली रूट पर रोडवेज बस का संचालन होता था। दो महीने पहले निगम से इस रूट पर बस का संचालन करने से हाथ पीछे खींच लिए। रूट पर संचालित एकमात्र बस का संचालन रोकने से क्षेत्र के लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। पौधार, पलना, लमगड़ा, छड़ौजा, गौजानी सहित अन्य हिस्सों के लोगों को दिल्ली सहित अन्य मैदानी क्षेत्रों को आवाजाही करने के लिए टैक्सी में 250 से 350 रुपये किराया चुकाकर हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसके बाद उन्हें बस मिल रही है। लमगड़ा के एमएस बिष्ट, लक्ष्मण सिंह, कैलाश सिंह, रोहित कुमार सहित अन्य लोगों ने कहा कि निगम को नए रूटों पर बसों का संचालन कर पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को राहत पहुंचाने के प्रयास करने चाहिए। पुराने रूटों पर भी बसों का संचालन बंद कर दिया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
लमगड़ा रूट पर फिर से बस संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। चालकों की कमी से कई रूटों पर बसों का संचालन रोकना पड़ा है।
विजय तिवारी, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।