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Almora News: हिंदी का नहीं मिल रहा ज्ञान, भूगोल के शिक्षक न होने से छात्र-छात्राएं परेशान
Tue, 12 Dec 2023 11:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 12 Dec 2023 11:22 AM IST
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अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय के नजदीकी विकासखंड हवालबाग के जीआईसी कमलेश्वर में शिक्षकों की कमी है। हिंदी-भूगोल का ज्ञान देने के लिए शिक्षक नहीं हैं। तीन साल से प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके साथ ही अभिभावक भी परेशान हैं।
विद्यालय में हिंदी और भूगोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से यहां पढ़ने वाले 200 से अधिक विद्यार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रवक्ताओं के इन पदों पर दो साल से नियुक्ति नहीं हो सकी है। कई बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटकर अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी शिक्षकों की तैनाती के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे अभिभावकों में भी नाराजगी है। तीन साल से यहां प्रधानाचार्य की तैनाती नहीं हो सकी है। बोर्ड परीक्षा नजदीक आते ही विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
छत से टपकता है पानी
अल्मोड़ा। वर्ष 1960 में बना जीआईसी कमलेश्वर का भवन बदहाल है। लंबे समय से भवन की मरम्मत नहीं हुई है। हल्की बारिश में ही छत का पानी कक्षों में घुसता है। जाड़ों में बारिश होने से विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। नियुक्ति शासन स्तर से ही संभव है।
-प्रकाश सिंह जंगपांगी, खंड शिक्षाधिकारी, हवालबाग।
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विद्यालय में हिंदी और भूगोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से यहां पढ़ने वाले 200 से अधिक विद्यार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रवक्ताओं के इन पदों पर दो साल से नियुक्ति नहीं हो सकी है। कई बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटकर अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी शिक्षकों की तैनाती के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे अभिभावकों में भी नाराजगी है। तीन साल से यहां प्रधानाचार्य की तैनाती नहीं हो सकी है। बोर्ड परीक्षा नजदीक आते ही विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
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छत से टपकता है पानी
अल्मोड़ा। वर्ष 1960 में बना जीआईसी कमलेश्वर का भवन बदहाल है। लंबे समय से भवन की मरम्मत नहीं हुई है। हल्की बारिश में ही छत का पानी कक्षों में घुसता है। जाड़ों में बारिश होने से विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। नियुक्ति शासन स्तर से ही संभव है।
-प्रकाश सिंह जंगपांगी, खंड शिक्षाधिकारी, हवालबाग।